
देहरादून। शादी के बाद बेहतर जीवन और साथ निभाने के सपने देखने वाली कई महिलाओं को वैवाहिक जीवन में उत्पीड़न और विवाद का सामना करना पड़ रहा है। देहरादून में राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई के दौरान ऐसे तीन मामले सामने आए, जिनमें महिलाओं ने पति और ससुराल पक्ष पर अलग-अलग तरह के उत्पीड़न के आरोप लगाए। किसी ने रंग-रूप को लेकर ताने देने और भूखा रखने की शिकायत की, तो किसी ने बेटी पैदा होने के बाद घर से निकालने का आरोप लगाया।
रंग-रूप को लेकर ताने, 20 दिन में मायके लौटी युवती
बिहार मूल का एक परिवार कई वर्षों से देहरादून के किशननगर में रह रहा है। परिवार ने एक दिसंबर 2025 को अपनी बेटी की शादी गुरुग्राम में की थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद पति पत्नी के सांवले रंग को लेकर नाराज रहने लगा और उसे परेशान करने लगा।
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परिवार के मुताबिक, पति ने युवती को ताना दिया कि उसने शादी के दौरान काला सूट और मेकअप करके अपना असली रंग छिपाया था। आरोप है कि पति ने उसे साथ रखने से भी इन्कार कर दिया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि ससुराल में युवती को कई दिनों तक खाना नहीं दिया गया। देहरादून में रह रहे माता-पिता ऑनलाइन खाना मंगवाकर बेटी तक पहुंचाते रहे।
आखिरकार 27 दिसंबर को परिवार युवती को वापस मायके ले आया। अब परिजन शादी में दिए गए सामान की वापसी की मांग कर रहे हैं। पिता की बीमारी और बेटी के वैवाहिक जीवन में आई परेशानी ने परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
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बेटी पैदा होने के बाद घर से निकालने का आरोप
दूसरा मामला हरिद्वार की एक युवती से जुड़ा है। उसकी शादी वर्ष 2025 में अंबाला में हुई थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के करीब पांच महीने बाद ही दहेज और अन्य बातों को लेकर उसे परेशान किया जाने लगा और घर से निकाल दिया गया।
बताया गया कि समझौते के बाद युवती दोबारा ससुराल गई, लेकिन बेटी को जन्म देने के बाद फिर विवाद शुरू हो गया। परिवार का आरोप है कि पति बेटा चाहता था और इसी वजह से युवती को दोबारा घर से निकाल दिया गया। अब परिजन न्याय के लिए पुलिस और अदालत के चक्कर लगा रहे हैं।
मोबाइल और घरेलू बातों पर विवाद से टूटा रिश्ता
तीसरा मामला ऋषिकेश की युवती का है। उसकी शादी करीब दो साल पहले उत्तर प्रदेश में हुई थी। परिजनों के अनुसार, मोबाइल के इस्तेमाल और घर-परिवार से जुड़ी छोटी-छोटी बातों को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगे। धीरे-धीरे अनबन बढ़ती गई और शादी के करीब पांच महीने बाद ही परिवार युवती को मायके ले आया। अब पति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।
महिला आयोग की जनसुनवाई में रखी गई शिकायतें
तीनों मामलों में विवाद की वजहें अलग-अलग हैं, लेकिन महिलाओं को वैवाहिक जीवन में परेशानी का सामना करना पड़ा। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने जनसुनवाई में पीड़ित महिलाओं और उनके परिजनों की शिकायतें सुनीं। सामने आए मामलों ने रंग-रूप, दहेज, संतान और घरेलू विवादों के कारण बिगड़ते वैवाहिक संबंधों से जुड़ी समस्याओं को सामने रखा।




