
बरेली। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वह मुख्यमंत्री आवास पर धरना देंगे। वहां भी न्याय नहीं मिला तो प्रधानमंत्री आवास के सामने धरना देने की बात कही है। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाने की चेतावनी भी दी है।
पप्पू गिरधारी फेसबुक पर लाइव आकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को संबोधित कर रहे हैं। वीडियो में वह खुद को भाजपा कार्यकर्ता बताते हुए कहते हैं कि वह भी भाजपाई हैं। उनका दावा है कि वह वर्ष 1995 से 2000 तक सभासद रहे और वर्ष 2000 में महापौर का चुनाव भी लड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह कई पदों पर रहे हैं और आज भी भाजपा से जुड़े हुए हैं। साथ ही उन्होंने धार्मिक संगठनों में 37 पदों की जिम्मेदारी संभालने का दावा किया।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
निष्पक्ष जांच की मांग
पप्पू गिरधारी ने वीडियो में कहा कि अधिकारियों से मामले में दी गई तहरीर की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करेंगे। उनका कहना है कि यदि जांच में वह दोषी साबित होते हैं तो उन्हें थाने बुलाकर जेल भेज दिया जाए, लेकिन यदि आरोप साबित नहीं होते हैं तो तहरीर देने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
वीडियो में उन्होंने अपनी मंत्री पत्नी रेखा आर्या को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वह भावुकता में या किसी के कहने पर ऐसा आचरण न करें। पप्पू गिरधारी ने दोनों के करीब 25 साल साथ रहने का उल्लेख करते हुए अपनी स्थिति को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने धार्मिक आस्था का हवाला देते हुए भी अपनी बात रखी।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
रेखा आर्या ने 15 अक्टूबर को दर्ज कराई थी प्राथमिकी
मामले में उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने 15 अक्टूबर को बरेली के कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में मारपीट, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, जातिसूचक शब्द कहने, धोखाधड़ी और हत्या की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत में यह आरोप भी शामिल है कि फर्जी हस्ताक्षर करके उन्हें कंपनियों में निदेशक पद से हटा दिया गया। मामले की जांच उत्तराखंड की विशेष जांच टीम (एसआईटी) कर रही है। जांच के दौरान मंत्री के बयानों में बताए गए स्थानों और वहां उपलब्ध हो सकने वाले दस्तावेजों का सत्यापन भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
ये आरोप प्राथमिकी में लगाए गए हैं। इनकी सत्यता जांच के निष्कर्षों और आगे की कानूनी प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।
पप्पू गिरधारी के खिलाफ 39 मुकदमे दर्ज होने का रिकॉर्ड
बरेली पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, 65 वर्षीय गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी निवासी जोगी नवादा, बारादरी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उनके खिलाफ बरेली के विभिन्न थानों में कुल 39 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
इनमें से 33 मुकदमे बारादरी थाने में दर्ज हैं। प्रेमनगर और कोतवाली थानों में दो-दो, जबकि इज्जतनगर और बहेड़ी थानों में एक-एक मामला दर्ज बताया गया है। उनके खिलाफ मारपीट और हमले के आरोप में पहली रिपोर्ट 18 जून 1981 को बारादरी थाने में दर्ज हुई थी। खबर के मुताबिक, इस मामले में वह कुछ समय बाद दोषमुक्त हो गए थे।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उनके खिलाफ समय-समय पर मुकदमे दर्ज होते रहे। इनमें से अधिकतर मामलों में वह दोषमुक्त हो चुके हैं। कुछ मामलों में चालानी रिपोर्ट भेजी गई और पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया। उनके खिलाफ गुंडा एक्ट और हिस्ट्रीशीट खोलने जैसी कार्रवाई भी की गई।
अब जांच पर टिकी नजरें
रेखा आर्या की शिकायत और पप्पू गिरधारी के निष्पक्ष जांच के दावे के बीच अब मामले में एसआईटी की जांच अहम है। पप्पू गिरधारी ने न्याय नहीं मिलने पर धरना देने और अदालतों का रुख करने की बात कही है। जांच में सामने आने वाले तथ्य और दस्तावेज ही आरोपों की पुष्टि या खंडन के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे।





