
कर्णप्रयाग। कर्णप्रयाग-नैनीताल हाईवे पर बृहस्पतिवार सुबह सिरोली के पास अचानक पहाड़ी खिसकने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गिरने के कारण मार्ग दोनों ओर से वाहनों के लिए बंद हो गया। घटना के बाद हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
जानकारी के अनुसार, बैनीताल जाने वाले मार्ग के समीप सिरोली क्षेत्र में सुबह करीब 7:55 बजे अचानक पहाड़ी का हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा। मलबे के साथ बड़े-बड़े बोल्डर भी सड़क पर आ गए, जिससे हाईवे का आवागमन पूरी तरह रुक गया। भूस्खलन के दौरान मार्ग से गुजर रहे दो युवा भी चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। अचानक पहाड़ी से मलबा गिरने के बाद आसपास मौजूद लोगों में भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार
हाईवे बंद होने के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। मार्ग पर यातायात बाधित होने से दैनिक यात्रियों के साथ-साथ पर्यटकों और अन्य यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्णप्रयाग-नैनीताल मार्ग क्षेत्र में आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। ऐसे में भूस्खलन के कारण मार्ग बंद होने से आसपास के क्षेत्रों में जाने वाले लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।
जेसीबी से मलबा हटाने का काम शुरू
घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मार्ग को जल्द से जल्द खोलने के लिए जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क पर जमा मलबा और बोल्डर हटाने का काम शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार, सड़क से मलबा हटाकर यातायात सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्र में लगातार मलबा गिरने की आशंका को देखते हुए यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील भी की गई है।
बारिश के दौरान बढ़ जाता है भूस्खलन का खतरा
पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन की घटनाएं अक्सर यातायात के लिए चुनौती बनती हैं। सड़क किनारे पहाड़ियों से मलबा और पत्थर गिरने के कारण कई बार महत्वपूर्ण मार्ग बाधित हो जाते हैं। सिरोली के पास हुई इस घटना के बाद भी सड़क खोलने से पहले मलबा हटाने के साथ पहाड़ी की स्थिति का निरीक्षण करना जरूरी माना जा रहा है, ताकि वाहनों की आवाजाही के दौरान किसी तरह का खतरा न रहे। फिलहाल विभागीय टीम मार्ग को साफ करने में जुटी है और हाईवे पर यातायात बहाल करने की कार्रवाई की जा रही है।




