
देहरादून। मानसून के दौरान प्रदेश की नदियों में खनिज निकासी सीमित रहने के बाद अब खनन विभाग की नजर बरसात के बाद शुरू होने वाली गतिविधियों पर है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तराखंड ने खनन से 1,217 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था। विभाग की ओर से जारी जानकारी भी 1,217 करोड़ रुपये के राजस्व की पुष्टि करती है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 950 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जबकि वास्तविक राजस्व इससे अधिक रहा। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2024-25 में खनन विभाग ने 1,041 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था। इस तरह खनन से मिलने वाली आय में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मानसून के बाद गतिविधियों पर फोकस
मानसून के दौरान नदियों में खनन गतिविधियों पर सीमाएं लागू रहती हैं। इस अवधि के बाद खनिज निकासी और परिवहन से जुड़ी गतिविधियां दोबारा गति पकड़ती हैं। जून 2026 में राज्य में मानसून आने के साथ 13 नदियों में खनन बंद किए जाने की जानकारी दी गई थी।
अब विभाग की प्राथमिकता बरसात के बाद वैध खनन गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने और राजस्व संग्रह को बढ़ाने की है। इसके साथ ही अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर निगरानी बनाए रखने पर भी जोर है।
डिजिटल तकनीक से खनन की निगरानी
खनन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए माइनिंग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एंड सर्विलांस सिस्टम लागू किया गया है। विभाग के अनुसार जुलाई 2026 तक प्रदेश में 45 ई-चेक गेट स्थापित किए जा चुके थे, जिनमें से 42 संचालित हो चुके थे। इन ई-चेक गेट के माध्यम से खनिजों के परिवहन में लगे वाहनों की निगरानी की जा रही है।
विभाग के अनुसार ई-चेक गेट के माध्यम से अवैध खनन और परिवहन में शामिल वाहनों पर ई-चालान भी किए गए हैं। दो माह की अवधि में करीब पांच करोड़ रुपये के ई-चालान किए जाने की जानकारी विभाग ने दी है। इसके अलावा ई-चालान व्यवस्था के लिए हैंडहेल्ड उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।
खनन क्षेत्र में तकनीकी सुधार
राज्य में खनन से जुड़े कामकाज को तकनीक आधारित बनाने के लिए ई-ट्रांजिट पास, डिजिटल निगरानी और वाहनों की जांच जैसी व्यवस्थाओं पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य खनिजों के वैध परिवहन को ट्रैक करना और अनियमितताओं की पहचान करना है।
खनन विभाग की वेबसाइट पर भी 2025-26 के दौरान 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की खनन आय और खनन क्षेत्र में नए रिकॉर्ड से संबंधित उपलब्धियां दर्ज की गई हैं।
दो परियोजनाओं को गोल्ड सम्मान
खनन क्षेत्र में डिजिटल व्यवस्था से जुड़ी दो परियोजनाओं को वर्ष 2026 में स्कॉच गोल्ड अवार्ड से सम्मानित किए जाने की जानकारी विभाग ने दी है। इनमें माइनिंग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एंड सर्विलांस सिस्टम और ई-रवन्ना सिक्योरिटी पेपर परियोजनाएं शामिल हैं। यह सम्मान 28 मार्च 2026 को प्रदान किया गया था।
इससे पहले खनन विभाग ने भी इन दोनों परियोजनाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड सम्मान मिलने की जानकारी साझा की थी।
राजस्व के साथ निगरानी की चुनौती
खनन से मिलने वाला राजस्व राज्य की गैर-कर आय के महत्वपूर्ण स्रोतों में शामिल है। हालांकि राजस्व बढ़ाने के साथ नदी तंत्र और पर्यावरणीय संतुलन को लेकर भी निगरानी महत्वपूर्ण रहती है। ऐसे में मानसून के बाद खनन गतिविधियां बढ़ने पर विभाग के सामने राजस्व संग्रह के साथ वैध खनन, परिवहन और निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने की चुनौती रहेगी।
वर्तमान में विभाग का जोर डिजिटल माध्यमों से खनन और परिवहन की निगरानी बढ़ाने पर है। 2025-26 में हासिल 1,217 करोड़ रुपये के राजस्व के बाद अब बरसात के बाद की गतिविधियों के दौरान राजस्व संग्रह और निगरानी व्यवस्था दोनों पर नजर रहेगी।





