
यूनाइटेड किंगडम यानी यूके एक ऐसी राजनीतिक संरचना है, जिसका वर्तमान स्वरूप कई सदियों के ऐतिहासिक घटनाक्रम के बाद सामने आया। इंग्लैंड, वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड से मिलकर बने यूनाइटेड किंगडम को आम तौर पर ब्रिटेन भी कहा जाता है, हालांकि ग्रेट ब्रिटेन और यूनाइटेड किंगडम एक ही भौगोलिक-राजनीतिक इकाई नहीं हैं। मौजूदा दौर में स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में स्व-निर्णय तथा अपनी राजनीतिक पहचान को लेकर चर्चा के बीच इस संघ के इतिहास को समझना महत्वपूर्ण हो गया है।
क्या है यूनाइटेड किंगडम?
यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड नॉर्दर्न आयरलैंड चार घटक देशों—इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड—से मिलकर बना है। इसका वर्तमान स्वरूप एक दिन में नहीं बना, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों पर इंग्लैंड के प्रभाव, सैन्य संघर्ष, राजवंशीय संबंधों, राजनीतिक समझौतों और संवैधानिक कानूनों के लंबे क्रम से विकसित हुआ।
वेल्स के साथ इंग्लैंड का संघर्ष
यूके के इतिहास में वेल्स का इंग्लैंड के साथ संबंध महत्वपूर्ण रहा है। 13वीं शताब्दी के अंत में इंग्लैंड के राजा एडवर्ड प्रथम ने वेल्स के खिलाफ सैन्य अभियान चलाया और वहां अपना नियंत्रण स्थापित किया। इस दौरान वेल्स में इंग्लैंड के प्रभुत्व के खिलाफ संघर्ष भी हुआ।
वेल्स के प्रतिरोध और इंग्लैंड की सैन्य कार्रवाई के बाद 1284 में संघर्ष का एक महत्वपूर्ण चरण समाप्त हुआ। इसके बाद अंग्रेजी कानून और प्रशासनिक व्यवस्था का प्रभाव वेल्स में बढ़ता गया। 16वीं शताब्दी में हेनरी अष्टम के शासनकाल के दौरान संसद द्वारा पारित एक्ट्स ऑफ यूनियन के जरिए वेल्स को इंग्लैंड की राजनीतिक और कानूनी व्यवस्था में अधिक औपचारिक रूप से शामिल किया गया।
स्कॉटलैंड पर प्रभाव और बाद में संघ
13वीं शताब्दी तक स्कॉटलैंड एक स्वतंत्र राजनीतिक इकाई था। राजगद्दी को लेकर पैदा हुए विवाद के दौरान इंग्लैंड के राजा एडवर्ड प्रथम को मध्यस्थता के लिए बुलाया गया, लेकिन इसके बाद स्कॉटलैंड के मामलों में इंग्लैंड का हस्तक्षेप बढ़ता गया। कर व्यवस्था, कानूनी मामलों और सैन्य मामलों में इंग्लैंड की भूमिका के कारण दोनों के बीच तनाव गहराया।
स्कॉटलैंड में इंग्लैंड के प्रभुत्व के खिलाफ संघर्ष हुआ और दोनों पक्षों के बीच कई सैन्य टकराव हुए। बाद के वर्षों में स्कॉटलैंड ने अपनी राजनीतिक और कानूनी स्वायत्तता के लिए संघर्ष जारी रखा।
1603 में एक राजा, 1707 में एक नया राज्य
इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के संबंधों में 1603 में बड़ा बदलाव आया। इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ प्रथम की मृत्यु के बाद स्कॉटलैंड के राजा जेम्स षष्ठम इंग्लैंड के राजा बने और उन्हें जेम्स प्रथम के नाम से जाना गया। इससे दोनों देशों के राजघरानों के स्तर पर एक ही राजा हो गया, हालांकि उनकी संसदें अलग बनी रहीं।
इसके बाद 1707 में इंग्लैंड और स्कॉटलैंड की संसदों ने एक्ट ऑफ यूनियन पारित किया। इसके परिणामस्वरूप दोनों राजनीतिक इकाइयां ग्रेट ब्रिटेन नाम के नए राज्य के रूप में एकजुट हुईं। इस संघ के पीछे आर्थिक और राजनीतिक कारण भी बताए जाते हैं। स्कॉटलैंड आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहा था, जबकि इंग्लैंड के लिए यूरोपीय शक्तियों और विशेष रूप से फ्रांस से जुड़े रणनीतिक समीकरण महत्वपूर्ण थे।
आयरलैंड का ब्रिटेन में शामिल होना
इंग्लैंड और आयरलैंड के संबंध इससे भी पुराने हैं। 12वीं शताब्दी में इंग्लैंड ने आयरलैंड में सैन्य हस्तक्षेप शुरू किया। 1171 में राजा हेनरी द्वितीय ने आयरलैंड पर बड़ा सैन्य अभियान चलाया और इसके बाद इंग्लैंड का प्रभाव वहां बढ़ता गया। 1542 में क्राउन ऑफ आयरलैंड एक्ट के जरिए आयरलैंड को इंग्लैंड के राजा के अधीन राजनीतिक व्यवस्था में शामिल किया गया।
1801 में एक्ट्स ऑफ यूनियन के माध्यम से ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड का औपचारिक विलय हुआ और यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट Britain एंड आयरलैंड अस्तित्व में आया। हालांकि, आयरलैंड में ब्रिटिश शासन को लेकर लंबे समय तक राजनीतिक और सामाजिक विरोध बना रहा। धार्मिक और राजनीतिक विभाजन ने भी इस विवाद को प्रभावित किया।
आयरलैंड का विभाजन और आज का यूके
20वीं शताब्दी की शुरुआत में आयरलैंड में स्वतंत्रता की मांग तेज हुई। 1918 के चुनाव के बाद सिन फेन के सांसदों ने ब्रिटिश संसद में जाने के बजाय डबलिन में अपनी अलग संसद की घोषणा की। इसके बाद आयरिश रिपब्लिकन आर्मी और ब्रिटेन के बीच स्वतंत्रता संघर्ष हुआ।
बाद में 1920 के गवर्नमेंट ऑफ आयरलैंड एक्ट और 1921 की आंग्ला-आयरिश संधि के बाद आयरलैंड का विभाजन हुआ। दक्षिणी हिस्से के 26 काउंटियों वाला क्षेत्र आगे चलकर स्वतंत्र आयरिश स्टेट बना और 1949 में रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड के रूप में पूरी तरह स्वतंत्र देश बन गया। वहीं उत्तर-पूर्व के छह काउंटियों वाला उत्तरी आयरलैंड यूनाइटेड किंगडम का हिस्सा बना रहा। इसी के बाद यूके का आधिकारिक नाम यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड नॉर्दर्न आयरलैंड हुआ, जो आज भी प्रचलित है।
इस तरह आज का यूनाइटेड किंगडम लंबे ऐतिहासिक संघर्षों, सत्ता संबंधों, राजवंशीय बदलावों, कानूनों और राजनीतिक समझौतों से विकसित हुआ है। वर्तमान में संघ के भीतर अलग पहचान और स्व-निर्णय को लेकर उठ रही बहस को समझने के लिए इन ऐतिहासिक घटनाक्रमों की पृष्ठभूमि महत्वपूर्ण है।







