
विकासनगर/कालसी/साहिया। पहाड़ी क्षेत्रों और पछवादून में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने लगा है। मंगलवार को बारिश के बीच यमुना नदी का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान तक पहुंच गया। नदी में लगातार बढ़ते पानी को देखते हुए तहसील प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया है और नदी के आसपास के क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
भारी बारिश के कारण जहां यमुना का जलस्तर बढ़ा है, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं भी सामने आई हैं। पत्थर, मिट्टी और मलबा गिरने के कारण पछवादून तथा जौनसार-बावर क्षेत्र में छह मोटर मार्गों पर यातायात बाधित रहा। कई स्थानों पर सड़क पर मलबा जमा होने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई।
खतरे के निशान तक पहुंचा यमुना का जलस्तर
लगातार बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। नदी का खतरे का स्तर 455.37 मीटर निर्धारित है और मंगलवार को नदी में पानी इसी स्तर तक पहुंच गया। जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने नदी के आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी।
डाकपत्थर बैराज से 368.36 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई है। लगातार बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से पानी आने के कारण नदी के जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तहसील प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया है। संबंधित कर्मचारियों को स्थिति पर नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
टौंस नदी का जलस्तर अभी सामान्य
यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच टौंस नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के स्तर से नीचे बताया गया है। टौंस नदी में खतरे का स्तर 644.75 मीटर है, जबकि मंगलवार को नदी में पानी 644.65 मीटर पर बह रहा था।
इच्छाड़ी बांध से 261.91 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। प्रशासन और संबंधित विभाग टौंस नदी के जलस्तर पर भी नजर रख रहे हैं, ताकि बारिश के दौरान जलस्तर में अचानक होने वाली बढ़ोतरी की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
छह मोटर मार्गों पर यातायात ठप
भारी बारिश के कारण पहाड़ों से पत्थर, मिट्टी और मलबा गिरने से पछवादून और जौनसार-बावर क्षेत्र के छह मोटर मार्ग बंद हो गए। मार्गों पर मलबा आने के कारण इन सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।
बंद रहने वाले मार्गों में लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड देहरादून का बाढ़वाला-जुड्डो मोटर मार्ग, पीएमजीएसवाई कालसी का बाढ़वाला-जुड्डो मोटर मार्ग, मैंद्रथ-कथियान-बिरनाड़ मोटर मार्ग, लोक निर्माण विभाग अधिशासी खंड साहिया का शहीद सुरेश तोमर मोटर मार्ग, समरसेंज मोटर मार्ग तथा बेसोगिलानी से जोशी-हमरौ मोटर मार्ग शामिल हैं।
इन मार्गों पर मलबा और पत्थर आने के कारण यातायात पूरी तरह या प्रभावित होकर रहा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से बाजारों और मुख्य मार्गों तक आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मार्ग खोलने के लिए जेसीबी लगाई
बंद मोटर मार्गों को जल्द खोलने के लिए संबंधित विभागों की ओर से मशीनरी मौके पर भेजी गई है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज त्रिपाठी ने बताया कि बंद मोटर मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी लगाई गई हैं।
विभाग की ओर से सड़क से मलबा और पत्थर हटाने का काम किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम और परिस्थितियां अनुकूल रहने पर जल्द ही मार्गों पर यातायात सुचारू कराने का प्रयास किया जाएगा।
बारिश के बीच प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
पछवादून और जौनसार-बावर के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के सामने सड़क संपर्क बनाए रखना चुनौती बन गया है। पहाड़ों से पत्थर और मलबा गिरने के कारण किसी भी समय मार्ग बंद होने की स्थिति पैदा हो सकती है।
यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचने के कारण नदी किनारे रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय करने के साथ प्रशासन नदी और जलाशयों के जलस्तर की निगरानी कर रहा है।
कई क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित
सड़कें बंद होने से जौनसार-बावर और पछवादून के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें ही ग्रामीण इलाकों को बाजारों, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य जरूरी सेवाओं से जोड़ने का प्रमुख माध्यम हैं। ऐसे में मार्ग बंद होने पर स्थानीय लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है।
विभागीय मशीनरी द्वारा लगातार मलबा हटाने का काम किए जाने से जल्द यातायात बहाल होने की उम्मीद है। हालांकि बारिश जारी रहने की स्थिति में दोबारा मलबा आने की आशंका बनी रहती है।
प्रशासन की नजर यमुना और टौंस के जलस्तर पर
वर्तमान परिस्थितियों में प्रशासन की प्राथमिकता नदियों के जलस्तर और पहाड़ी मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखना है। यमुना के खतरे के निशान तक पहुंचने के बाद बाढ़ चौकियों को सतर्क किया गया है, जबकि टौंस नदी का जलस्तर भी निगरानी में रखा गया है।
लगातार बारिश के कारण यदि नदी का जलस्तर और बढ़ता है या पहाड़ी ढलानों से बड़े पैमाने पर मलबा गिरता है तो प्रशासन को अतिरिक्त सुरक्षा उपाय करने पड़ सकते हैं। फिलहाल संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और बंद सड़कों को खोलने का काम जारी है।





