
कोटद्वार। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कोटद्वार के द्वारीखाल ब्लॉक के मेहरगांव (भलगांव) में मंगलवार को भारी बारिश के बीच एक मकान अचानक ढह गया। हादसे के बाद तीन लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना मिली है। घटना की जानकारी मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबा हटाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया।
पर्वतीय क्षेत्रों में बीती रात से ही बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई नदियों और गदेरों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सिलगाड़ और लंगूरगाड़ नदियों का जलस्तर खतरे की स्थिति तक पहुंचने से आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन और पुलिस की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं।
सरुड़ा गांव में पंचायत घर और खोह नदी के किनारे बने मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। वहीं, लंगूरगाड़ नदी के बढ़ते प्रवाह से सुभाष बाजार वार्ड का कंडवाल मोहल्ला भी प्रभावित होने की आशंका है। नदी और नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन की ओर से निगरानी बढ़ा दी गई है।
एनएच-534 पर कई जगह भूस्खलन, आवाजाही प्रभावित
भारी बारिश के कारण क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई हैं। एनएच-534 पर कई स्थानों पर मलबा आने से यातायात बाधित हो गया है। इसके अलावा विभिन्न रपटों और संपर्क मार्गों पर भी पानी का स्तर बढ़ने से आवाजाही मुश्किल हो गई है। बारिश के कारण सड़क मार्ग से आवागमन करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
उर्गम घाटी में कल्पेश्वर मंदिर के पास भारी भूस्खलन
चमोली जिले की ज्योतिर्मठ तहसील की उर्गम घाटी में स्थित पांचवें केदार भगवान कल्पेश्वर महादेव मंदिर के पास भी भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है। पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा आने के कारण मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश के बीच मंदिर क्षेत्र में मलबा जमा होने से श्रद्धालुओं की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
मलबा आने के कारण फिलहाल श्रद्धालुओं के लिए मंदिर तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। रास्ते से मलबा हटाने के बाद ही आवाजाही सामान्य होने की उम्मीद है। क्षेत्र में लगातार बारिश जारी रहने से प्रशासन के सामने चुनौती बनी हुई है।
देहरादून में कक्षा 1 से 12 तक स्कूल बंद
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए देहरादून जिले में भी प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। भारी बारिश और खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए जिले में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।
मौसम विभाग ने देहरादून और टिहरी के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और बारिश के अत्यंत तीव्र दौर की संभावना जताई गई है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश होने की चेतावनी है।
राज्य में 91 सड़कें बंद
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेशभर में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। राज्य में दो राज्यमार्ग समेत कुल 91 सड़कें बंद बताई गई हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार अल्मोड़ा में पांच, बागेश्वर में 12, चमोली में 15, चंपावत में एक, देहरादून में सात, नैनीताल में 12, पौड़ी में पांच, पिथौरागढ़ में 11, रुद्रप्रयाग में सात तथा टिहरी और उत्तरकाशी में आठ-आठ मार्ग बंद हैं।
बारिश के कारण नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की जरूरत है। प्रशासन की टीमें सड़क और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।




