
आजमगढ़: महिलाओं को कागज की गड्डी को रुपये की गड्डी बताकर भ्रमित करने और इसके बदले उनके आभूषण व नकदी ठगने वाले अंतरजनपदीय टप्पेबाजी गैंग के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तरवां और मेंहनगर थाना क्षेत्रों में हुई दो अलग-अलग मुठभेड़ों के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गैंग के दो बदमाशों के पैर में गोली लगी। तीसरे आरोपी को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार तीनों आरोपी गाजीपुर जिले के भांवरकोल थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। आरोपी मिलकर आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर में टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस ने उनके कब्जे से दो .315 बोर के तमंचे, दो कारतूस, पल्सर मोटरसाइकिल और 6,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा मंगलसूत्र, कान के झुमके, कनफूल, लॉकेट, पायल और चेन समेत पीली और सफेद धातु के आभूषण भी बरामद किए गए हैं।
घेराबंदी के दौरान पुलिस से हुई मुठभेड़
सीओ लालगंज भूपेश पांडेय के मुताबिक, 13 अगस्त की रात तरवां पुलिस को सूचना मिली थी कि टप्पेबाजी की घटनाओं में चिन्हित तीन संदिग्ध काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल से चिरैयाकोट की तरफ से बोंगरिया की ओर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी शुरू कर दी।
पुलिस ने संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने भागने की कोशिश की। इसी दौरान मोटरसाइकिल फिसल गई। एक आरोपी खेत की ओर भाग गया, जबकि दूसरे ने पुलिस टीम पर कथित तौर पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुकेश यादव के दाहिने पैर में गोली लगी। उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
इसी दौरान पुलिस ने मौके से उसके साथी कमलेश राम को भी गिरफ्तार कर लिया। अंधेरे का फायदा उठाकर भागे तीसरे आरोपी विकास यादव की तलाश में पुलिस ने आसपास के थानों को भी सूचना दी।
दूसरी मुठभेड़ में विकास को लगी गोली
फरार विकास यादव की तलाश में पुलिस टीमों ने अभियान जारी रखा। रात करीब 12 बजे मेंहनगर पुलिस को उसकी शिवरामपुर नहर पुलिया के पास मौजूदगी की सूचना मिली। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर उसे पकड़ने का प्रयास किया।
पुलिस के मुताबिक, घेराबंदी से बचकर भागते समय विकास यादव ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल विकास को गिरफ्तार कर उपचार के लिए सीएचसी मेंहनगर भेजा गया।
इस तरह पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर हुई कार्रवाई में गैंग के तीनों सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में कई वारदातें कबूलीं
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई टप्पेबाजी की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है। आरोपियों के अनुसार, 3 अगस्त को मऊ के चिरैयाकोट क्षेत्र के खरिहानी तिराहे पर एक महिला को निशाना बनाकर मंगलसूत्र, पायल, चांदी की चेन और चार हजार रुपये ठगे गए थे।
इसके अलावा 7 अगस्त को तरवां के कंचनपुर बाजार में एक महिला के कान से कनफूल उतरवाकर ले जाने की घटना भी आरोपियों ने कबूल की। इसी दिन गाजीपुर के दुल्लहपुर रेलवे स्टेशन के सामने एक महिला का पर्स लेकर फरार होने की बात भी पुलिस पूछताछ में सामने आई।
पुलिस ने इन घटनाओं से जुड़े बताए जा रहे आभूषण और नकदी भी बरामद की है।
कागज की गड्डी को बताते थे रुपये
पुलिस जांच के अनुसार, गैंग के सदस्य महिलाओं को अपने ठगी के तरीके में फंसाते थे। वे कागज की गड्डी को रुपये की गड्डी बताकर पीड़ित को भ्रमित करते और विश्वास में लेने के बाद उसके आभूषण या नकदी लेकर फरार हो जाते थे।
गैंग के अंतरजनपदीय स्तर पर सक्रिय होने की बात सामने आने के बाद पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर के अलावा अन्य जिलों में कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
तमंचे और आभूषण बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो .315 बोर के तमंचे और दो कारतूस के अलावा पल्सर मोटरसाइकिल, 6,500 रुपये नकद तथा विभिन्न प्रकार के पीली और सफेद धातु के आभूषण बरामद किए हैं। बरामद मोटरसाइकिल को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया है।
आरोपियों के खिलाफ तरवां और मेंहनगर थानों में आर्म्स एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब गैंग के अन्य संभावित सदस्यों और उनकी पिछली आपराधिक गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। कार्रवाई में तरवां और मेंहनगर थाने की पुलिस टीमें शामिल रहीं।






