
उत्तरकाशी। जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद फंसे पर्वतारोहियों और ट्रैकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए मंगलवार को भी रेस्क्यू अभियान जारी रहा। मंगलवार सुबह चलाए गए अभियान में कालिंदी पास बेस क्षेत्र से 10, सतोपंथ बेस क्षेत्र से चार और जोगिन-I पास बेस क्षेत्र से आठ सदस्यों को सुरक्षित निकाला गया। इस तरह सुबह 11:15 बजे तक कुल 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका था।
इससे पहले सोमवार को कालिंदी पास बेस और ओडन कोल बेस क्षेत्र से 40 लोगों को सुरक्षित निकाला गया था। प्रशासन के अनुसार सोमवार और मंगलवार को मिलाकर अब तक 50 लोगों को हर्षिल हेलीपैड पहुंचाया जा चुका है।
बर्फबारी के बाद फंसे पर्वतारोही और ट्रैकर्स
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में शनिवार को हुई बर्फबारी के बाद गंगोत्री ग्लेशियर की विभिन्न चोटियों और आसपास के आरोहण एवं ट्रैकिंग क्षेत्रों में गए लोग फंस गए थे। खराब मौसम और बर्फबारी के कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रेस्क्यू अभियान में मुश्किलें भी सामने आईं। प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से लोगों को सुरक्षित निकालने की रणनीति अपनाई।
मंगलवार सुबह मौसम में कुछ अनुकूलता के बाद विभिन्न बेस क्षेत्रों में रेस्क्यू गतिविधियां फिर तेज की गईं। बचाव दलों ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला और उन्हें हर्षिल हेलीपैड तक पहुंचाया।
कालिंदी पास से सुरक्षित निकाले गए लोग
कालिंदी खाल क्षेत्र में फंसे लोगों की सुरक्षित निकासी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। एसडीआरएफ की हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम ने क्षेत्र में रेकी कर सुरक्षित मार्ग और बचाव की रणनीति तैयार की। लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण अभियान में चुनौतियां आईं, लेकिन मौसम अनुकूल होने पर बचाव कार्य दोबारा शुरू किया गया।
अभियान के दौरान कालिंदी खाल क्षेत्र से लोगों को निकालकर हर्षिल हेलीपैड पहुंचाया गया। रेस्क्यू एजेंसियां शेष लोगों तक पहुंचने के लिए लगातार काम कर रही हैं।
हर्षिल हेलीपैड पर जरूरी व्यवस्थाएं
रेस्क्यू के बाद हर्षिल पहुंचाए जा रहे पर्वतारोहियों और ट्रैकर्स की सुविधा के लिए हेलीपैड पर जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन की ओर से यहां भोजन, गर्म पानी और स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों से निकाले गए लोगों को तत्काल आवश्यक सहायता मिल सके।
रेस्क्यू किए गए लोगों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकता होने पर उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
कई विभागों की टीमें अभियान में जुटीं
रेस्क्यू अभियान में आईटीबीपी, एनआईएम, एसडीआरएफ, पुलिस, वन विभाग और स्वास्थ्य विभाग समेत विभिन्न एजेंसियां शामिल हैं। सोमवार को मौसम साफ होने के बाद चार हेलीकॉप्टरों के माध्यम से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बचाव अभियान शुरू किया गया था। ओडन कोल क्षेत्र में आईटीबीपी और वन विभाग की टीमों ने अभियान चलाया, जबकि कालिंदी खाल क्षेत्र में एसडीआरएफ और एनआईएम की टीमों ने बचाव कार्य किया।
मौसम खराब होने पर अभियान को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था। इसके बाद मंगलवार सुबह मौसम की स्थिति को देखते हुए बचाव कार्य फिर शुरू किया गया।
जिला प्रशासन लगातार कर रहा निगरानी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला प्रशासन रेस्क्यू अभियान की लगातार निगरानी कर रहा है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य स्मार्ट कंट्रोल रूम और आपदा नियंत्रण व्यवस्था के माध्यम से संबंधित टीमों के साथ समन्वय कर रहे हैं। उन्होंने रेस्क्यू टीमों को आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ तेजी से अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
एडीएम मुक्ता मिश्र समेत आपदा प्रबंधन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, राजस्व, वन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें अभियान में जुटी हैं। प्रशासन का प्रयास है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फंसे सभी लोगों को मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित तरीके से हर्षिल तक लाया जाए।
अन्य पर्वतारोहण दलों से भी किया जा रहा संपर्क
जिलाधिकारी के अनुसार अन्य चोटियों के आरोहण के लिए गए दलों से भी संपर्क किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार संबंधित दलों के सदस्यों से संपर्क स्थापित किया गया है और उनकी सुरक्षा की जानकारी ली जा रही है। प्रशासन की ओर से सभी लोगों को योजना के अनुसार सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
रेस्क्यू अभियान अभी जारी है और मौसम की स्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।




