
देहरादून: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां अब तेज गति से आगे बढ़ने लगी हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया जारी रहने के साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने चुनावी कार्ययोजना को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। चुनाव आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) बिहार से मंगाकर सभी जिलों में भेज दी गई हैं। आने वाले महीनों में मशीनों की तकनीकी जांच, अधिकारियों का प्रशिक्षण और चुनावी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की व्यापक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्रदेश में पहले से उपलब्ध ईवीएम के अतिरिक्त बिहार से 2,500 बैलेट यूनिट, 12,500 कंट्रोल यूनिट और 6,000 वीवीपैट मशीनें उत्तराखंड पहुंच चुकी हैं। निर्वाचन विभाग ने इन मशीनों का जिलावार आवंटन भी कर दिया है, ताकि चुनाव की घोषणा से पहले सभी जिलों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध रहें।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश में 27,700 बैलेट यूनिट, 36,553 कंट्रोल यूनिट और 25,697 वीवीपैट मशीनें उपलब्ध हैं। नई मशीनों के शामिल होने से निर्वाचन आयोग के पास पर्याप्त संख्या में ईवीएम उपलब्ध हो जाएंगी, जिससे चुनावी प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित की जा सकेगी।
चुनाव आयोग की कार्ययोजना के अनुसार अगले महीने जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ), रिटर्निंग अधिकारियों (आरओ) तथा अन्य निर्वाचन अधिकारियों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में चुनाव संचालन, ईवीएम प्रबंधन, मतदान केंद्रों की व्यवस्था, मतगणना प्रक्रिया और चुनाव संबंधी नवीन दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जाएगी।
इसके बाद सितंबर और अक्तूबर के दौरान पूरे प्रदेश में सभी ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तर की तकनीकी जांच (First Level Checking) कराई जाएगी। इस प्रक्रिया में प्रत्येक मशीन का विशेषज्ञों की निगरानी में परीक्षण होगा। जिन मशीनों में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी पाई जाएगी, उन्हें चुनावी प्रक्रिया से अलग कर दिया जाएगा। जांच के बाद पूरी तरह सुरक्षित और कार्यशील मशीनों को सील कर स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा।
निर्वाचन विभाग चुनाव पूर्व मतदाता जागरूकता अभियान को भी व्यापक स्तर पर चलाने की तैयारी कर रहा है। जिलावार व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं चुनावी भागीदारी (SVEEP) कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक मतदाता मतदान प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। इसके साथ ही राजनीतिक दलों, निर्वाचन कर्मियों और विभिन्न चुनावी प्रकोष्ठों के लिए भी अलग-अलग प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने चुनावी तैयारियों के तहत पावर पैक, सील, टैग और अन्य निर्वाचन सामग्री की खरीद प्रक्रिया भी शुरू करने की योजना बनाई है। इन सामग्रियों का उपयोग मतदान और मतगणना के दौरान सुरक्षा एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा।
इस बीच चुनाव आयोग जल्द ही राज्य सरकार को एक महत्वपूर्ण निर्देश भी भेजने वाला है। इसके तहत तीन वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात आईएएस, पीसीएस और चुनाव कार्य से जुड़े अधिकारियों का स्थानांतरण किया जाएगा। आयोग का उद्देश्य यह है कि चुनाव से लगभग छह माह पहले अधिकारियों का स्थानांतरण पूरा कर लिया जाए, ताकि नए अधिकारी चुनाव संबंधी प्रशिक्षण प्राप्त कर निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से निर्वाचन प्रक्रिया का संचालन कर सकें।
निर्वाचन विभाग का कहना है कि चुनाव आयोग के तय प्लानर के अनुसार सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी की जा रही हैं, ताकि विधानसभा चुनाव की घोषणा होने पर पूरे प्रदेश में मतदान प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के संपन्न कराई जा सके।




