
*देहरादून ( उत्तराखण्ड)* आम आदमी पार्टी उत्तराखंड ने प्रेमनगर क्षेत्र में टोंस नदी पर मात्र एक महीने पहले 16 करोड़ रुपये की लागत से बने पुल के पहली ही बरसात में धंसने पर केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया।
आप अध्यक्षा *उमा गौड़ सिसोदिया जी* और महासचिव *श्याम बाबू पाण्डेय* द्वारा मौके पर जाकर क्षतिग्रस्त पुल का निरीक्षण किया और कहा कि यह पुल जनता की सुविधा के लिए नहीं बल्कि बीजेपी नेताओं और ठेकेदारों की जेब भरने के लिए बनाया गया था। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी पुल की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि पहली बरसात में ही वह पानी में समा गया।
पिछली बरसात में यह पुल नदी में आए पानी के तेज बहाव से बह गया था, परन्तु सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण इसको बनाने में पूरा एक साल का समय लग गया।
जिस कारण जनता को लगभग एक साल तक वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे परेशानी झेलनी पड़ी क्योंकि यह पुल एक बड़ी आबादी के आवागमन का सहारा है।
यहां से हजारों की तादात में कॉलेज पढ़ने वाले बच्चे सेलाकुई फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी और क्षेत्र के लोग आवागमन करते हैं।
यह पुल जो इसी महीने जनता की आवाजाही के लिए खोला गया था, जो मात्र 15 दिन भी नहीं टिक पाया और पहली ही बारिश में ही जमींदोज हो गया।
आप के मीडिया प्रभारी विपिन खन्ना ने जानकारी देते हुए बताया कि आप प्रतिनिधिमंडल ने मौके का मुआयना कर एक बयान ज़ारी करते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार ने भ्रष्टाचार के मामले में सभी को पीछे छोड़ दिया है।
प्रदेश में कमीशन खोरी चरम पर है, जिसका जीतजागता उदाहरण आज जनता के सामने है।
*उन्होंने कहा* कि प्रदेश सरकार ने उत्तराखण्ड को भूमाफिया शराब माफिया नकल माफिया और कमीशन खोरों के यहां गिरवी रख दिया है।
धामी नाम के मुख्यमंत्री रह गए हैं, आज हालात यह है कि प्रदेश सरकार को ही माफिया चला रहे हैं। जो धीरे धीरे जनता के सामने आ रहा है।
*उन्होंने कहा* “यह सिर्फ एक पुल नहीं डूबा, बल्कि बीजेपी सरकार का भ्रष्टाचार जनता के सामने उजागर हुआ है। 16 करोड़ रुपये का यह पुल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। टैक्स के पैसे से बना यह पुल आज जनता के लिए खतरा बन गया है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पुल के निर्माण में हुई धांधली की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई हो। जिम्मेदार मंत्री और विभाग के खिलाफ FIR दर्ज की जाए। और जनता के पैसे की भरपाई बीजेपी सरकार अपने खजाने से करे।




