
देहरादून। राजधानी के करनपुर स्थित वार्ड-15 में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत महेश्वरी चौक से करीब 50 मीटर आगे, गुलाटी जूस के सामने निर्मित सुलभ शौचालय पिछले पांच से छह माह से बंद पड़ा है। इसके कारण आसपास के दुकानदारों, राहगीरों और डीएवी कॉलेज के छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शौचालय बंद होने से लोग खुले में शौच और लघुशंका करने को मजबूर हैं, जिससे क्षेत्र में गंदगी फैल रही है और स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह शौचालय शुरू होने के बाद क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी सुविधा साबित हुआ था, लेकिन लंबे समय से इसके बंद रहने से स्थिति पहले जैसी हो गई है। लोगों का कहना है कि शौचालय में पानी का बिल लंबे समय तक जमा नहीं किया गया, जिसके चलते जल संस्थान ने पानी की आपूर्ति करने वाला कनेक्शन काट दिया। पानी की व्यवस्था ठप होने के बाद शौचालय का संचालन पूरी तरह बंद हो गया।
क्षेत्रवासियों का यह भी दावा है कि शौचालय बंद होने के बावजूद इसके चारों ओर लगे बड़े-बड़े विज्ञापन होर्डिंग्स से नगर निगम को अच्छी-खासी आय प्राप्त होती है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि यदि होर्डिंग्स से नियमित राजस्व प्राप्त हो रहा है, तो शौचालय के रखरखाव और पानी के बिल का भुगतान क्यों नहीं किया गया। उन्होंने इस आय और उसके उपयोग की पारदर्शी जांच की मांग भी उठाई है।

आसपास के दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर वार्ड-15 के पार्षद से भी कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि समस्या को गंभीरता से लेने के बजाय टालमटोल किया गया, जिससे आज भी शौचालय बंद पड़ा है और आम जनता परेशान है।
स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और संबंधित विभाग से मांग की है कि पानी का बकाया बिल तत्काल जमा कराकर शौचालय को फिर से चालू किया जाए। साथ ही शौचालय के रखरखाव, विज्ञापन से होने वाली आय और उसके उपयोग की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए।
नोट: वार्ड पार्षद से इस संबंध में संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। यदि उनका पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।




