
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून का असर लगातार तेज होता जा रहा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी जारी करते हुए तीन जिलों में रेड और चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण जनजीवन प्रभावित होने लगा है। प्रदेशभर में 115 सड़कें बंद हो चुकी हैं, जबकि कई जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में अत्यधिक वर्षा की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश की आशंका के चलते ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। शेष जिलों में भी येलो अलर्ट जारी कर प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे को बेहद संवेदनशील बताते हुए विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों और नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन को संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ाने, राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
लगातार बारिश और भूस्खलन का सबसे अधिक असर सड़क संपर्क पर दिखाई दे रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार प्रदेश में कुछ राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल 115 सड़कें अवरुद्ध हैं। पिथौरागढ़ जिले में तवाघाट-गुंजी राष्ट्रीय राजमार्ग बोल्डर गिरने से बंद हो गया है। जिले के 12 ग्रामीण मार्ग भी यातायात के लिए अवरुद्ध हैं।
देहरादून में एक राज्य मार्ग और 14 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। अल्मोड़ा में 13, चमोली में नौ, नैनीताल में पांच, उत्तरकाशी और बागेश्वर में चार-चार तथा रुद्रप्रयाग में तीन सड़कें प्रभावित हैं। टिहरी में एक राज्य मार्ग और 13 ग्रामीण मार्ग बंद हैं। सबसे अधिक प्रभावित पौड़ी जिला है, जहां कुल 31 सड़कें बंद हैं। इनमें दो राज्य मार्ग, एक मुख्य मार्ग और 28 ग्रामीण मोटर मार्ग शामिल हैं। संबंधित विभागों की टीमें मलबा हटाकर यातायात बहाल करने में जुटी हैं।
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए कई जिलों में एहतियाती कदम उठाए गए हैं। देहरादून, हरिद्वार, चमोली, पौड़ी, टिहरी, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में कक्षा 12 तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में शुक्रवार को अवकाश घोषित किया गया है। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से बच्चों को घर से बाहर न भेजने और मौसम सामान्य होने तक सतर्क रहने की अपील की है।
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है। आपदा प्रबंधन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य किया जा सके।




