
हैदराबाद। आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि अब युद्धक्षेत्र में बड़ी शक्तियों को पहले जैसी निर्णायक बढ़त हासिल नहीं रह गई है। नई तकनीकों, उन्नत हथियार प्रणालियों और अभिनव रणनीतियों के कारण अपेक्षाकृत छोटी सैन्य ताकतें भी बड़े देशों को भारी नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने सशस्त्र बलों में शामिल होने वाले नए अधिकारियों से भविष्य के युद्धों की जटिल चुनौतियों के लिए मानसिक और पेशेवर रूप से तैयार रहने का आह्वान किया।
भारतीय वायु सेना अकादमी (एएफए) में आयोजित संयुक्त स्नातक परेड को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि आधुनिक संघर्षों का स्वरूप पारंपरिक युद्धों से काफी अलग हो चुका है। आज के दौर में ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर युद्ध, स्वायत्त हथियार प्रणालियां और अत्याधुनिक निगरानी तकनीकें युद्ध की दिशा और परिणाम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ऐसे में सैन्य अधिकारियों को केवल पारंपरिक सैन्य कौशल ही नहीं, बल्कि तकनीकी और रणनीतिक बदलावों को समझने की भी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि पहले यह माना जाता था कि बड़ी सैन्य शक्तियों को युद्धक्षेत्र में स्वाभाविक बढ़त प्राप्त होती है, लेकिन वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में यह धारणा तेजी से बदल रही है। अब सीमित संसाधनों वाली ताकतें भी छोटे लेकिन अत्यंत घातक हथियारों, आधुनिक तकनीकों और नई रणनीतियों के माध्यम से बड़े देशों को चुनौती देने में सक्षम हो गई हैं। इसलिए सैन्य नेतृत्व को हर प्रकार के युद्ध और सुरक्षा चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा।
रक्षा मंत्री ने नए सैन्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे ऐसे समय में भारतीय सशस्त्र बलों का हिस्सा बन रहे हैं जब दुनिया तेजी से बदल रही है। भू-राजनीतिक परिस्थितियां लगातार नए आयाम ले रही हैं और सुरक्षा चुनौतियां भी अधिक जटिल होती जा रही हैं। ऐसे में अनुशासन, साहस, तकनीकी दक्षता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
राजनाथ सिंह ने भारतीय वायु सेना में शामिल होने वाली महिला अधिकारियों और पायलटों की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भारतीय वायु सेना को अधिक सक्षम, संतुलित और सशक्त बना रही है। यह न केवल सैन्य क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का प्रतीक है, बल्कि देश की प्रगतिशील और समावेशी सोच को भी दर्शाता है।
उन्होंने भारतीय वायु सेना की मानवीय और राहत अभियानों में निभाई गई भूमिका का भी उल्लेख किया। रक्षा मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, संकटग्रस्त क्षेत्रों में बचाव कार्यों और विदेशों में फंसे भारतीयों एवं अन्य देशों के नागरिकों की सुरक्षित निकासी जैसे अभियानों में भारतीय वायु सेना ने उल्लेखनीय कार्य किया है। इन अभियानों ने विश्व स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों को भी मजबूती से प्रस्तुत किया है।
अपने संबोधन के अंत में रक्षा मंत्री ने नव नियुक्त अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे देश की सुरक्षा, सम्मान और संप्रभुता की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय सशस्त्र बलों की नई पीढ़ी आधुनिक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।







