
रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा के बीच मौसम विभाग द्वारा जारी दो दिन के ऑरेंज अलर्ट ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। संभावित खराब मौसम और आपदा जोखिम को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा खुद ग्राउंड जीरो पर सक्रिय नजर आ रहे हैं और व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
इसी क्रम में डीएम विशाल मिश्रा ने देर रात्रि जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र और यात्रा कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने यहां स्थापित सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से केदारनाथ यात्रा मार्ग, संवेदनशील स्थानों और मौसम की ताजा स्थिति की निगरानी व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत किया जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क रहने, सभी सूचनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया देने और आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने एसओएस कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की और सूचना के तेज एवं सटीक आदान-प्रदान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आपदा या किसी भी आकस्मिक स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम रखना बेहद जरूरी है, जिससे समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो दिनों तक क्षेत्र में तेज बारिश, आंधी और अन्य प्रतिकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। ऐसे में प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
प्रशासन की इस सक्रियता का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केदारनाथ यात्रा सुचारु और सुरक्षित ढंग से जारी रहे। श्रद्धालुओं को भी मौसम की जानकारी पर नजर रखने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।




