
- दून एक्सप्रेसवे पर बुनियादी सुविधाएं नहीं, संगठन ने उठाए सवाल
- वरिष्ठ नागरिक की परेशानी के बाद तेज हुई सुविधाओं की मांग
- बिना एमेनिटीज उद्घाटन पर सवाल, नागरिक संगठन ने जताई नाराजगी
- गर्मी में यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं, अस्थायी सुविधाएं शुरू करने की मांग
देहरादून: अक्षरधाम से देहरादून को जोड़ने वाले इकोनॉमिक एक्सप्रेसवे पर यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए संयुक्त नागरिक संगठन, देहरादून के महासचिव सुशील त्यागी ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजकर तत्काल वॉशरूम और जलपानगृह जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
पत्र में संगठन की ओर से एक भुक्तभोगी वरिष्ठ नागरिक (74 वर्ष) का उदाहरण देते हुए बताया गया है कि वे पहली बार अपने परिवार के साथ इस एक्सप्रेसवे से देहरादून आ रहे थे, लेकिन मार्ग पर वॉशरूम और रेस्टोरेंट जैसी आवश्यक सुविधाएं न होने के कारण उन्हें मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुशील त्यागी ने पत्र में सवाल उठाया है कि जब इस मार्ग पर प्रस्तावित 12 साइड एमेनिटीज का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हुआ था, तो फिर इसका उद्घाटन क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि यात्रियों की मूलभूत जरूरतों को पूरा किए बिना उद्घाटन करना उचित नहीं था और इससे आम जनता को असुविधा झेलनी पड़ रही है। संगठन ने यह भी सुझाव दिया है कि जब तक स्थायी निर्माण कार्य पूरा नहीं होता, तब तक तत्काल प्रभाव से टेंट या टीनशेड के माध्यम से अस्थायी मूत्रालय और जलपान केंद्र स्थापित किए जाएं, ताकि खासकर गर्मी के मौसम में यात्रियों को राहत मिल सके।
अक्षरधाम से देहरादून एक्सप्रेसवे पर वॉशरूम और जलपानगृह जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर संयुक्त नागरिक संगठन ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजा है। एक 74 वर्षीय यात्री के अनुभव का हवाला देते हुए संगठन ने इसे यात्रियों के लिए गंभीर समस्या बताया। संगठन ने तत्काल अस्थायी सुविधाएं शुरू करने और स्थायी एमेनिटीज जल्द बनाने की मांग की है।
पत्र में हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सड़क मार्गों पर यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में दिए गए निर्देशों का भी उल्लेख किया गया है। संगठन ने इन निर्देशों के अनुपालन पर जोर देते हुए कहा कि प्रशासन को इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए। संयुक्त नागरिक संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, विशेषकर गर्मी के दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।





