
देहरादून: विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 के लिए उत्तराखंड सरकार और प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। यात्रा के सफल और सुचारु संचालन के लिए सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। शनिवार सुबह से ही ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई, जहां बड़ी संख्या में यात्री पहुंच रहे हैं।
यात्रा प्रशासन के अनुसार, सुबह छह बजे से कुल 30 काउंटरों पर पंजीकरण शुरू किया गया है। इनमें 24 काउंटर ट्रांजिट कैंप और छह काउंटर आईएसबीटी परिसर में संचालित किए जा रहे हैं। पहले दिन दोपहर तक ही करीब 150 यात्रियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें सबसे पहले नेपाल से आए 30 श्रद्धालुओं का दल शामिल रहा।
प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पंजीकरण केंद्रों पर स्वास्थ्य जांच, दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस बार यात्रा को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को यात्रा का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। वह सुबह करीब 11 बजे ऋषिकेश से यात्रा वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके साथ ही चारधाम यात्रा का आधिकारिक आगाज हो जाएगा।
इस बीच, परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने यात्रा मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष योजना तैयार की है। ट्रांसपोर्टरों के साथ बैठक कर डग्गामार वाहनों पर रोक लगाने, ग्रीन कार्ड व्यवस्था लागू करने और केवल अधिकृत वाहनों को ही यात्रा में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए सीमित अवधि का ग्रीन कार्ड जारी किया जाएगा, जबकि राज्य के वाहन केवल राज्य के भीतर ही यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए अधिकृत होंगे।
नगर निगम और स्थानीय निकायों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे ट्रांजिट कैंप और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई सुनिश्चित करें और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करें। यात्रा मार्गों पर अवैध स्टैंड और अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आर्थिकी और पर्यटन के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। हर साल लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होते हैं। इस बार भी रिकॉर्ड संख्या में यात्रियों के आने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में सरकार का पूरा फोकस यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने पर है।




