
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में एक बड़ा फैसला लेते हुए अटल पेंशन योजना (APY) को वित्तीय वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही, कैबिनेट ने इस योजना के प्रचार-प्रसार, विकासात्मक गतिविधियों और ‘गैप फंडिंग’ के लिए वित्तीय सहायता जारी रखने पर भी मुहर लगा दी है।
ज्ञात हो अटल पेंशन योजना की शुरुआत 9 मई 2015 को असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को बुढ़ापे में आय की सुरक्षा (Old-age income security) प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 19 जनवरी 2026 तक इस योजना से 8.66 करोड़ से अधिक ग्राहक जुड़ चुके हैं।
कैबिनेट बैठक के बाद जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, सरकार असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के बीच जागरूकता बढ़ाने और क्षमता निर्माण (Capacity building) के लिए अपना समर्थन जारी रखेगी। इसका लक्ष्य योजना की पहुंच को और अधिक विस्तार देना है ताकि दूर-दराज के श्रमिकों को भी इसका लाभ मिल सके।
अटल पेंशन योजना केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक सामाजिक सुरक्षा योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र (Unorganised Sector) में काम करने वाले लोगों, जैसे- दिहाड़ी मजदूर, ड्राइवर, कामगार आदि को सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद नियमित आय सुनिश्चित करना है। इस योजना के तहत, व्यक्ति द्वारा किए गए निवेश और उसकी उम्र के आधार पर 60 वर्ष की आयु के बाद 1,000 से 5,000 रुपए तक की मासिक पेंशन की गारंटी दी जाती है।
इसमें आप हर महीने, तिमाही या छमाही आधार पर पैसा जमा कर सकते हैं।
60 साल की उम्र पूरी होने पर तयशुदा पेंशन मिलना शुरू हो जाती है।
सब्सक्राइबर की मृत्यु के बाद, पेंशन उसके पति/पत्नी को मिलती है।
दोनों की मृत्यु की स्थिति में, जमा की गई पूरी रकम (Corpus) नॉमिनी को वापस कर दी जाती है।
इसमें निवेश करने पर धारा 80CCD के तहत टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है।
योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना आवश्यक है-
भारतीय नागरिकता: आवेदन करने वाला व्यक्ति भारत का नागरिक होना चाहिए।
आयु सीमा: आवेदक की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। (जल्द जुड़ने पर प्रीमियम कम देना पड़ता है)।
सक्रिय बैंक खाता
आवेदक के पास एक सक्रिय (Active) बचत बैंक खाता या पोस्ट ऑफिस खाता होना चाहिए, जो आधार से लिंक हो। असंगठित क्षेत्र : मुख्य रूप से यह योजना उन लोगों के लिए है जो किसी अन्य वैधानिक सामाजिक सुरक्षा योजना (जैसे EPF या EPS) के दायरे में नहीं आते। 1 अक्टूबर 2022 से लागू नए नियमों के अनुसार, आयकर भुगतान करने वाले (Income Tax Payers) इस योजना में शामिल होने के पात्र नहीं है।






