
दिल्ली | रेवाड़ी जिले में अपराध के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए बहाला गांव के खाद-बीज व्यापारी मोहन की हत्या के मुख्य आरोपी कुख्यात बदमाश जयभगवान उर्फ सोनू को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। यह रेवाड़ी पुलिस का दो दिन के भीतर दूसरा बड़ा एनकाउंटर है, जिसने जिले में सक्रिय अपराधियों में खलबली मचा दी है। इस संयुक्त ऑपरेशन में धारूहेड़ा सीआईए और हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीमों ने अहम भूमिका निभाई।
पुलिस को लंबे समय से फरार चल रहे इनामी बदमाश जयभगवान उर्फ सोनू की लोकेशन मिलने पर दिल्ली–जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गांव खरखड़ा के पास सघन नाकाबंदी की गई। जैसे ही पुलिस टीम ने उसे घेरने का प्रयास किया, आरोपी ने खुद को फंसा हुआ देख पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हालात को देखते हुए पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें 20 हजार रुपये के इनामी बदमाश को दो गोलियां लगीं। मुठभेड़ के दौरान धारूहेड़ा सीआईए इंचार्ज योगेश और हरियाणा एसटीएफ के सब-इंस्पेक्टर विवेक भी गोली लगने से घायल हुए, लेकिन दोनों अधिकारी बुलेटप्रूफ जैकेट पहने हुए थे, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होने से बच गए।
मुठभेड़ के बाद घायल बदमाश को तत्काल रेवाड़ी के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां कड़ी पुलिस निगरानी में उसका इलाज जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी की हालत स्थिर है और इलाज के बाद उससे गहन पूछताछ की जाएगी, ताकि उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य वारदातों से जुड़े राज उजागर किए जा सकें।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक जयभगवान उर्फ सोनू मूल रूप से सोनीपत जिले के पिनाना गांव का निवासी है और एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट समेत 22 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें आधा दर्जन से ज्यादा हत्या के मामले शामिल हैं। हालिया मामला 23 दिसंबर का है, जब उसने कोसली क्षेत्र के बहाला गांव में खाद-बीज विक्रेता मोहन की दुकान में घुसकर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस वारदात के बाद से ही वह फरार चल रहा था और पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि इस निर्मम हत्या की साजिश हिसार निवासी जयप्रकाश ने रची थी। उसी ने जयभगवान उर्फ सोनू को सुपारी देकर मोहन की हत्या करवाई थी। पुलिस पहले ही साजिशकर्ता जयप्रकाश को गिरफ्तार कर चुकी है और अब मुख्य शूटर की गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अहम कड़ी जुड़ गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से न केवल मोहन हत्याकांड की जांच को गति मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में सक्रिय संगठित अपराध पर भी बड़ा प्रहार हुआ है।






