
देहरादून। मानसून के दौरान आई प्राकृतिक आपदाओं से उत्तराखंड को हुए व्यापक नुकसान का आकलन पूरा हो गया है। राज्य सरकार ने पोस्ट डिजास्टर नीड असेसमेंट (पीडीएनए) रिपोर्ट तैयार कर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) को करीब 15 हजार करोड़ रुपये की क्षति और पुनर्वास प्रस्ताव की रिपोर्ट भेज दी है।
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच राज्य में भूस्खलन, बादल फटने, अतिवृष्टि और बाढ़ जैसी घटनाओं में 136 लोगों की जान चली गई, जबकि 162 लोग घायल हुए और 86 लोग अब भी लापता हैं। आपदाओं के कारण प्रदेशभर में 7420 भवनों को आंशिक या पूर्ण क्षति पहुंची, जिससे हजारों परिवारों की आजीविका और आवास प्रभावित हुए।
राज्य में आपदा से हुए नुकसान के आकलन के लिए एनडीएमए की ओर से 24 सितंबर 2025 से पीडीएनए प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य केवल क्षति का आंकलन करना ही नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक और टिकाऊ पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण रणनीति तैयार करना भी था। एनडीएमए ने रिपोर्ट भेजने के लिए 31 दिसंबर 2025 की समयसीमा तय की थी, जिसे हाल ही में पूरा कर लिया गया है।
पीडीएनए सर्वे के लिए एनडीएमए, राज्य और जिला स्तर के विशेषज्ञों को शामिल करते हुए चार विशेष टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों ने प्रभावित जिलों में जाकर जमीनी सर्वे किया, भवनों, सड़कों, पुलों, पेयजल योजनाओं और अन्य बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का विस्तृत अध्ययन किया।
इन टीमों में सीबीआरआई के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार, आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर, एनआईडीएम और एनडीएमए के वरिष्ठ कंसलटेंट समेत कई तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे। प्रदेश सरकार की ओर से यूएलएमएमसी, आपदा प्रबंधन विभाग और जिलों के संबंधित अधिकारियों ने भी सहयोग किया।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने पुष्टि की है कि पीडीएनए रिपोर्ट एनडीएमए को भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि इस रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार से पुनर्वास, पुनर्निर्माण और आपदा-रोधी ढांचे के विकास के लिए वित्तीय सहायता की मांग की गई है।
राज्य सरकार का कहना है कि भविष्य में आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए वैज्ञानिक योजना, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाएगा। पीडीएनए रिपोर्ट राज्य के लिए न केवल राहत पैकेज का आधार बनेगी, बल्कि आपदा प्रबंधन नीति को और प्रभावी बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।




