
देहरादून। उत्तराखंड में नव वर्ष के जश्न के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। 30 दिसंबर से 1 जनवरी तक चले तीन दिवसीय विशेष अभियान में शराब पीकर वाहन चलाते हुए पकड़े गए 101 चालकों के लाइसेंस निरस्त किए जाने की तैयारी की जा रही है। इनमें सबसे अधिक 49 मामले हरिद्वार जिले से सामने आए हैं।
परिवहन विभाग ने नए साल के कार्यक्रमों और संभावित सड़क दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए यह विशेष अभियान चलाया था। अभियान का मुख्य उद्देश्य नशे की हालत में वाहन चलाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाना और आम लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। इस दौरान विभाग ने ड्रंक ड्राइविंग के मामलों पर विशेष फोकस किया।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए परिवहन विभाग ने 45 नए एल्कोमीटर खरीदे, जिन्हें प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात किया गया। इन उपकरणों की मदद से तीन दिनों में कुल 101 वाहन चालकों को शराब पीकर वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। सभी के मौके पर चालान किए गए और वाहनों को सीज किया गया।
हालांकि कार्रवाई के साथ विभाग ने मानवीय दृष्टिकोण भी अपनाया। जिन चालकों में शराब की मात्रा अधिक पाई गई, उन्हें स्वयं वाहन चलाने की अनुमति न देकर सुरक्षित रूप से घर तक भिजवाया गया। अब विभाग नियमों के तहत इन सभी चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है।
उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी ने स्पष्ट किया कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।
📊 जिलेवार चालान की स्थिति
- देहरादून – 07
- हरिद्वार – 49
- उधम सिंह नगर – 24
- टनकपुर – 05
- हल्द्वानी – 02
- पौड़ी – 05
- रुद्रप्रयाग – 01
- अल्मोड़ा – 01
कुल – 101
परिवहन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे शराब पीकर वाहन न चलाएं और यातायात नियमों का पालन कर स्वयं व दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।




