
हरिद्वार। हिन्दी सिनेमा के महानायक धर्मेंद्र के निधन के बाद बुधवार सुबह हरिद्वार में उनके अस्थि-विसर्जन का कार्यक्रम पारंपरिक वैदिक रीति-रिवाजों के साथ सम्पन्न हुआ। यह पूरा आयोजन गोपनीय रखा गया ताकि भीड़ या मीडिया की मौजूदगी के कारण धार्मिक अनुष्ठान में कोई बाधा न आए। परिवार ने शुरुआत से अंत तक पूरी सादगी और शांत वातावरण में इस अंतिम यात्रा को पूरा किया।
सुबह करीब सात बजे श्रवणनाथ नगर स्थित एक निजी होटल के पीछे बने घाट पर देओल परिवार ने धार्मिक कर्मकांडों की शुरुआत की। सबसे पहले धर्मेंद्र के बेटे सनी देओल और बॉबी देओल परिवार के साथ अस्थि कलश लेकर पहुंचे। इसके बाद सनी देओल के बेटे करण देओल ने परंपरा के अनुरूप हरकी पैड़ी पर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच दिवंगत अभिनेता की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित किया। तीर्थ पुरोहित राहुल श्रोत्रिय ने इसकी विधिवत पुष्टि की और अनुष्ठान का संचालन किया।
अस्थियाँ प्रवाहित करने के बाद पूरा परिवार होटल के पास बने गंगा घाट पर पहुंचा, जहां उन्होंने सामूहिक पूजा-अर्चना और गंगा स्नान किया। इस दौरान परिवार ने किसी भी मीडिया इंटरैक्शन से दूरी बनाए रखी। बताया गया कि मौके पर मौजूद लोगों को भी परिवार की निजता का सम्मान करते हुए किसी तरह की जानकारी साझा न करने के निर्देश दिए गए थे।
कार्यक्रम समाप्त होने पर देओल परिवार बिना किसी औपचारिकता के सीधे होटल से निकला और सुरक्षा व्यवस्था के बीच जौलीग्रांट एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गया। पूरे रूट पर सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित की गई, ताकि यात्रा शांतिपूर्वक सम्पन्न हो सके।
गौरतलब है कि 24 नवंबर को 89 वर्ष की आयु में धर्मेंद्र का मुंबई में निधन हो गया था। उनके जाने से फिल्म उद्योग और प्रशंसकों में गहरा शोक व्याप्त है। सनी और बॉबी देओल लगातार पिता की अंतिम रस्मों में लगे हुए हैं, और हरिद्वार में सम्पन्न यह वैदिक अनुष्ठान परिवार के लिए बेहद भावुक और निजी क्षण रहा।




