
अहमदाबाद| गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सोमवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया जब क्राइम ब्रांच को एक ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDS), अग्निशमन विभाग और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं और एयरपोर्ट पर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया। हालांकि, घंटों की गहन तलाशी के बावजूद अब तक कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है।
ईमेल से मिली धमकी: जांच में जुटी पुलिस
संयुक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम ब्रांच) शरद सिंघल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार रात क्राइम ब्रांच को एक अज्ञात ईमेल आईडी से मेल प्राप्त हुआ, जिसमें लिखा था कि “अहमदाबाद एयरपोर्ट पर एक बम लगाया गया है जो जल्द ही फटेगा।” यह मेल न केवल एयरपोर्ट प्रबंधन, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी अत्यधिक गंभीर चेतावनी थी। “हमने तुरंत सभी संबंधित एजेंसियों को सूचित किया और बम स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड तथा स्थानीय पुलिस बल को अलर्ट पर रखा। पूरी रात तलाशी अभियान जारी रहा, लेकिन अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है,” – शरद सिंघल, संयुक्त पुलिस आयुक्त, क्राइम ब्रांच।
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यात्रियों में अफरा-तफरी, फ्लाइट्स प्रभावित नहीं
धमकी मिलने के बाद भी एयरपोर्ट पर संचालन को पूरी तरह बंद नहीं किया गया। हालांकि, एहतियात के तौर पर कुछ क्षेत्रों को अस्थायी रूप से सील किया गया और यात्रियों को बाहर निकालकर जांच की गई। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, उड़ानों की आवाजाही सामान्य रही, लेकिन यात्रियों और उनके परिजनों के बीच स्पष्ट तनाव और दहशत का माहौल देखा गया। एयरपोर्ट प्रबंधन के एक अधिकारी ने बताया, “हमने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरे परिसर की तलाशी सुनिश्चित की। हमारी सुरक्षा एजेंसियों ने संयमित तरीके से कार्य किया जिससे पैनिक की स्थिति नहीं बनी।”
फर्जी मेल या गंभीर साजिश?
अब पुलिस की जांच का केंद्र बिंदु यही है कि यह मेल किसी शरारती तत्व की करतूत है या किसी गहरी साजिश का हिस्सा। साइबर क्राइम सेल को मेल की तकनीकी जांच के निर्देश दिए गए हैं। ईमेल किस स्थान से भेजा गया, किस सर्वर का उपयोग हुआ और क्या यह पहले से ट्रैकिंग में रहा है — इन सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह मेल किसी विदेश स्थित आईपी से भेजा गया प्रतीत हो रहा है, लेकिन इसकी पुष्टि पुलिस ने नहीं की है। पुलिस यह भी देख रही है कि कहीं यह मेल हाल ही में देशभर में मिली अन्य धमकियों से जुड़ा हुआ तो नहीं है।
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पिछले धमकी मामलों से जोड़कर देख रही है एजेंसियां
यह पहली बार नहीं है जब अहमदाबाद एयरपोर्ट को इस तरह की धमकी मिली हो। इससे पहले भी 2019 और 2022 में इसी तरह की अफवाहें सामने आई थीं, हालांकि तब भी कोई वास्तविक खतरा नहीं पाया गया था। देशभर में हाल के वर्षों में हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थलों को लेकर फर्जी धमकियों की संख्या बढ़ी है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और चुनौती दोनों ही बढ़ी हैं।
सरकार और प्रशासन सतर्क
गुजरात सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए क्राइम ब्रांच और एटीएस को जांच सौंप दी है। गृह विभाग ने सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थलों और हवाई अड्डों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी यह बयान आया है कि “किसी भी तरह की शरारत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी।” हालांकि यह धमकी झूठी प्रतीत हो रही है, लेकिन यह घटनाएं इस बात की याद दिलाती हैं कि किसी भी सूचना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की तत्परता और समन्वयित कार्रवाई सराहनीय रही, जिससे एक बड़ी अफरातफरी टल गई।








