
लखनऊ। बख्शी का तालाब क्षेत्र के महिगवां में शराब खरीदने को लेकर हुआ मामूली विवाद खूनी वारदात में बदल गया। शाहपुर चौराहे के पास शराब के ठेके पर पहले शराब खरीदने को लेकर हुए विवाद के बाद कुछ लोगों ने ई-रिक्शा चालक दिलीप उर्फ मोनू सिंह को लाठी-डंडों और लात-घूंसों से बेरहमी से पीट दिया। गंभीर रूप से घायल दिलीप को पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने के कारण मौत की पुष्टि हुई है। शरीर पर कई अन्य चोटों के निशान भी मिले हैं।
पुलिस ने मृतक के भाई सोनू की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। मामले में अभिषेक और अनुज समेत दो नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली। शराब ठेके पर लगे कैमरों में वारदात से पहले और बाद की गतिविधियां कैद हुई थीं।
पहले शराब खरीदने को लेकर हुआ विवाद
डीसीपी नॉर्थ अमित आनंद के अनुसार, अटेसुवा गांव निवासी दिलीप उर्फ मोनू सिंह बुधवार रात करीब आठ बजे शाहपुर चौराहे स्थित शराब के ठेके पर पहुंचा था। वहां पहले शराब खरीदने को लेकर उसका दो युवकों से विवाद हो गया। दोनों युवकों ने दिलीप के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। दिलीप ने इसका विरोध किया तो मामला और बढ़ गया।
आरोप है कि विवाद के बाद दोनों युवकों ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया। कुछ ही देर में आरोपी एक एसयूवी से मौके पर पहुंचे। उनके हाथों में लाठी-डंडे थे। आरोपियों ने दिलीप को घेर लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। लाठी-डंडों के अलावा लात-घूंसों से भी उसे बुरी तरह पीटा गया।
हमले में दिलीप गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर पड़ा। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए।
मरणासन्न हालत में मिला युवक
शराब ठेके के कर्मचारियों ने दिलीप को गंभीर हालत में पड़ा देखा तो पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद महिगवां पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण किया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
सीसीटीवी से मिला एसयूवी का नंबर
डीसीपी नॉर्थ अमित आनंद ने बताया कि शराब ठेके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के वाहन की जानकारी मिली। फुटेज से एसयूवी का नंबर मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। इसके आधार पर देर रात ही पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ लिया।
पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपियों से घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हत्या की वारदात में कौन-कौन लोग सीधे तौर पर शामिल थे और मौके से फरार आरोपियों की भूमिका क्या थी।
पोस्टमार्टम में सिर की चोट से मौत की पुष्टि
दिलीप के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट में सिर में लगी चोट को मौत का कारण बताया गया है। इसके अलावा उसके शरीर पर मारपीट के कई निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या की जांच को आगे बढ़ाया है।
पुलिस मामले में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों को जांच का आधार बना रही है।
हत्या के बाद परिजनों ने लगाया जाम
दिलीप की हत्या की खबर मिलने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे परिजनों ने कुम्हरावां चौराहे पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने हत्या में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।
जाम के कारण चौराहे पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए यातायात को दूसरे मार्गों से डायवर्ट किया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों से बातचीत की और फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी तथा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब शाम छह बजे प्रदर्शन समाप्त हुआ और परिजन दिलीप का शव लेकर गांव चले गए।
परिवार में पत्नी और 18 माह का बेटा
दिलीप उर्फ मोनू सिंह ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके परिवार में मां मंजू देवी, भाई सोनू, पत्नी रोहिणी और 18 माह का बेटा है। परिवार के सामने कम उम्र में ही घर के कमाने वाले सदस्य की मौत से गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए भी पुलिस टीमें लगाई गई हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरी घटना की कड़ियों को जोड़ रही है।







