
कानपुर: जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र में झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने आपातकालीन राहत व्यवस्था की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। आटा-उकासा टोल प्लाजा के निकट तेज रफ्तार से जा रहे एक डंपर का आगे का टायर अचानक फट गया। तेज धमाके के साथ डंपर अनियंत्रित हो गया और उसका अगला हिस्सा घूमकर पीछे की बॉडी से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि डंपर का केबिन पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर मलबे में तब्दील हो गया और उसमें सवार चालक व परिचालक बुरी तरह फंस गए।
धमाके की आवाज सुनते ही टोल प्लाजा के कर्मचारी, आसपास के ढाबों पर मौजूद लोग और राहगीर मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद केबिन में फंसे भोगनीपुर निवासी 34 वर्षीय छोटू तथा करूसा निवासी 41 वर्षीय अरविंद्र को बाहर निकाला। दोनों गंभीर रूप से घायल थे और उनके शरीर से लगातार खून बह रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा, पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सूचना दी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद एंबुलेंस करीब आधे घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान दोनों घायल राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे दर्द से तड़पते रहे। मौके पर मौजूद लोग लगातार सहायता की गुहार लगाते रहे, लेकिन समय पर चिकित्सीय सहायता नहीं मिल सकी। बाद में आटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य को गति दी। एंबुलेंस पहुंचने के बाद घायलों को प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
हादसे के कारण कुछ समय तक झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा। दुर्घटनाग्रस्त डंपर सड़क पर आड़े खड़े होने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। बाद में क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त डंपर को हटाकर यातायात बहाल कराया गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने हाईवे पर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता और उनकी प्रतिक्रिया समय पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन समय पर एंबुलेंस न पहुंचने से घायल लोगों की जान खतरे में पड़ जाती है। लोगों ने मांग की कि हाईवे पर एंबुलेंस नेटवर्क को अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि दुर्घटना के बाद तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
फिलहाल पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में टायर फटना हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, जबकि स्थानीय नागरिकों ने हाईवे पर आपातकालीन राहत तंत्र को और मजबूत बनाने की मांग दोहराई है।







