
नैनीताल। नैनीताल नगर पालिका की लेकब्रिज चुंगी का 21 माह के लिए ठेका आवंटित किए जाने के बाद विवाद गहरा गया है। बोर्ड बैठक से पहले ठेका जारी करने के निर्णय को लेकर आठ सभासदों ने खुलकर विरोध दर्ज कराया है। सभासदों का आरोप है कि पालिकाध्यक्ष ने नियमों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अनदेखी करते हुए बिना बोर्ड की मंजूरी के एकतरफा फैसला लिया, जबकि इस विषय पर जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण संशोधनों पर चर्चा होना बाकी थी।
पालिका सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में सभासद जीतेंद्र पांडे ‘जीनू’ ने बताया कि नगर पालिका ने एक जून को लेकब्रिज चुंगी का 21 माह का ठेका देने के लिए निविदा जारी की थी, जिसे 10 जून को खोला जाना प्रस्तावित था। उन्होंने कहा कि सभासदों ने दो जून और नौ जून को पालिकाध्यक्ष को बोर्ड बैठक बुलाने के लिए लिखित पत्र दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में 20 जून को फिर पत्र देकर धरना देने की चेतावनी दी गई और आयुक्त व जिलाधिकारी को भी शिकायत भेजी गई।
सभासदों के अनुसार 22 जून को धरना-प्रदर्शन के बाद पालिकाध्यक्ष ने बोर्ड बैठक बुलाने का लिखित आश्वासन दिया था। सात जुलाई को प्रस्तावित बैठक स्थगित हो गई और अगली बैठक 18 जुलाई के लिए तय की गई। आरोप है कि इस बीच 14 जुलाई को पालिकाध्यक्ष ने बोर्ड बैठक से पहले ही लेकब्रिज चुंगी का ठेका आवंटित कर दिया। सभासदों का कहना है कि यह केवल बोर्ड की अनदेखी नहीं बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के भी विपरीत है।
पूर्व पालिकाध्यक्ष एवं मल्लीताल बाजार वार्ड के सभासद मुकेश जोशी ‘मंटू’ ने कहा कि पालिका नियमावली के अनुसार निविदा की शर्तों में बदलाव अथवा महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले बोर्ड की बैठक आवश्यक थी। उनका कहना है कि अब इस मामले में आयुक्त और जिलाधिकारी नियमों के तहत जांच कर सकते हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर पालिका बोर्ड के संबंध में भी निर्णय ले सकते हैं।
सभासद रमेश प्रसाद ने बताया कि बाहरी दोपहिया वाहनों से 100 रुपये प्रवेश शुल्क लेने का प्रस्ताव पहले गजट अधिसूचना के माध्यम से स्वीकृत हुआ था, लेकिन विशेष बोर्ड बैठक में अधिकांश सभासदों ने इसमें संशोधन की आवश्यकता जताई थी। उनका कहना है कि जनहित के इन सुझावों पर विचार किए बिना ठेका जारी कर दिया गया।
विवाद के बीच पालिकाध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने सभी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि लेकब्रिज चुंगी का ठेका पूरी तरह नगर और पालिका के हित में दिया गया है। बाहरी दोपहिया वाहनों से शुल्क लेने का निर्णय शासन की गजट अधिसूचना और बोर्ड के पूर्व प्रस्ताव के अनुरूप है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नैनीताल के स्थानीय दोपहिया वाहन चालकों को निशुल्क पास जारी किए जाएंगे और बाहरी वाहनों पर शुल्क व्यवस्था शहर में यातायात का दबाव कम करने के उद्देश्य से लागू की जा रही है।
पालिकाध्यक्ष ने कहा कि निविदा प्रक्रिया जिला प्रशासन की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरी हुई है। यदि किसी को प्रक्रिया पर संदेह है तो वह किसी भी प्रकार की जांच का स्वागत करती हैं। उन्होंने कहा कि वह प्रशासनिक जांच, उच्चस्तरीय जांच अथवा न्यायालय के किसी भी निर्णय को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि दोपहिया वाहनों से शुल्क लेने की अधिसूचना लगभग एक वर्ष पहले जारी हो चुकी थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया था। नए ठेके में इस व्यवस्था को शामिल किया गया है। फिलहाल दोपहिया वाहनों से शुल्क वसूली पर अस्थायी रोक लगाई गई है और इस संबंध में अंतिम निर्णय बोर्ड बैठक में लिया जाएगा।
लेकब्रिज चुंगी को लेकर बढ़ते विवाद ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें बोर्ड बैठक और प्रशासन की संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं, जहां इस पूरे मामले पर आगे की दिशा तय होने की संभावना है।




