
बड़कोट। यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिल्क्यारा टनल में हुए दर्दनाक हादसे के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। हादसे में एक श्रमिक की मौत के बाद जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) बड़कोट को जांच अधिकारी नामित किया गया है, जिन्हें 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जांच के दौरान हादसे से जुड़े सभी तथ्यों, घटनाक्रम और परिस्थितियों का विस्तृत परीक्षण किया जाए। विशेष रूप से यह पता लगाया जाएगा कि दुर्घटना किन कारणों से हुई, निर्माण स्थल पर निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं तथा किसी स्तर पर लापरवाही हुई है या नहीं।
प्रशासन ने जांच अधिकारी को यह भी निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों और व्यवस्थागत सुधारों का भी परीक्षण किया जाए। रिपोर्ट में ऐसे सभी सुझाव शामिल किए जाएंगे, जिनसे निर्माण कार्य के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा सके।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने संबंधित विभागों, निर्माण एजेंसी तथा अन्य अधिकारियों को जांच अधिकारी को आवश्यक दस्तावेज, तकनीकी जानकारी और सभी प्रकार का सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पक्ष और व्यापक जांच पूरी की जा सके।
गौरतलब है कि हाल ही में सिल्क्यारा टनल में कार्य के दौरान पत्थर गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद श्रमिक सुरक्षा, निर्माण स्थल पर सुरक्षा प्रबंधन और कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल उठे थे। इसी क्रम में अब प्रशासन ने मजिस्ट्रेट जांच के माध्यम से पूरे मामले की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी प्रकार की लापरवाही या सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।




