
चमोली। उत्तराखंड में मानसून के सक्रिय होते ही पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। लगातार हो रही बारिश ने जहां भीषण गर्मी से राहत दिलाई है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भूस्खलन और मलबा आने के कारण राज्यभर में 34 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। सबसे अधिक असर चमोली जिले पर पड़ा है, जहां 10 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। इसके अलावा पिथौरागढ़ में आठ, देहरादून में छह, टिहरी में चार, रुद्रप्रयाग में तीन, पौड़ी में दो और बागेश्वर में एक ग्रामीण मार्ग बंद है।
लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में सड़क संपर्क टूटने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियों की टीमें बंद मार्गों से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने में जुटी हैं, हालांकि लगातार बारिश के कारण राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
साढ़े 11 घंटे बंद रहा बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग
बारिश का सबसे बड़ा असर चारधाम यात्रा मार्ग पर भी देखने को मिला। मलबा और भूस्खलन के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग लगभग साढ़े 11 घंटे तक बंद रहा। हाईवे बंद होने से हजारों तीर्थयात्री और अन्य वाहन मार्ग के दोनों ओर फंस गए, जिससे यात्रा व्यवस्था प्रभावित हुई। मार्ग खुलने के बाद वाहनों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य कराई गई।
बिजली व्यवस्था भी हुई प्रभावित
भारी वर्षा के कारण चमोली जिले में विद्युत आपूर्ति पर भी असर पड़ा। नारायणबगड़ विद्युत खंड के अंतर्गत आने वाले 20 गांव तथा देवाल क्षेत्र के पांच गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। विद्युत विभाग की टीमों ने बारिश के बीच मरम्मत कार्य करते हुए अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी।
नारायणबगड़ में रातभर बरसी आफत
चमोली के नारायणबगड़ क्षेत्र में शुक्रवार देर रात करीब साढ़े तीन घंटे तक लगातार तेज बारिश हुई। रात लगभग साढ़े 11 बजे तक हुई मूसलाधार वर्षा से बाजार क्षेत्र में जलभराव हो गया और राजकीय इंटर कॉलेज का मैदान तालाब में तब्दील हो गया। पानी भरने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल रहा। बारिश थमने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन सतर्क बना हुआ है।
प्रशासन अलर्ट, मार्ग खोलने का अभियान जारी
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा है। बंद मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर खोलने, बिजली और अन्य आवश्यक सेवाओं को सुचारु रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग की ओर से आगामी दिनों में भी कई जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है, जिसके मद्देनजर लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
मानसून के शुरुआती दौर में ही लगातार हो रही बारिश ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने जैसी चुनौतियां और बढ़ सकती हैं। इसलिए प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।




