
देहरादून: उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में जल्द बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल सकता है। विभागीय अधिकारियों के तबादलों को लेकर तैयार किया गया प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है और अब संबंधित विभागीय मंत्री के अनुमोदन का इंतजार किया जा रहा है। मंजूरी मिलते ही तबादला आदेश जारी किए जाने की संभावना है। विभाग में लंबे समय से कई महत्वपूर्ण पद रिक्त होने के कारण प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिसे देखते हुए व्यापक स्तर पर अधिकारियों की नई तैनाती की तैयारी की गई है।
सबसे बड़ा बदलाव माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल सती के सेवानिवृत्त होने के बाद देखने को मिलेगा। उनके सेवानिवृत्त होने से शिक्षा निदेशालय के तीन निदेशक पदों में से दो पद रिक्त हो जाएंगे। वर्तमान में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक का पद पहले से ही खाली है और इसका अतिरिक्त प्रभार भी डॉ. मुकुल सती के पास था। इसके अलावा वह समग्र शिक्षा अभियान में अपर राज्य परियोजना निदेशक की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद यह महत्वपूर्ण पद भी रिक्त हो जाएगा।
शिक्षा विभाग में केवल निदेशक स्तर ही नहीं, बल्कि अन्य वरिष्ठ पदों पर भी अधिकारियों की भारी कमी बनी हुई है। विभाग में अपर निदेशक के 10 स्वीकृत पदों में से पांच पद खाली हैं, जबकि संयुक्त निदेशक के 23 पदों में से अधिकांश लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। ऐसे में शासन और विभाग दोनों के सामने प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है।
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए शिक्षा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न जिलों में तैनात अधिकारियों के तबादलों की व्यापक योजना तैयार की गई है। अधिकारियों के रिक्त पदों को भरने और प्रशासनिक कार्यों में गति लाने के उद्देश्य से कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।
सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों की कमी को देखते हुए कुछ अनुभवी जूनियर अधिकारियों को भी प्रभारी के रूप में महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इससे विभाग के नियमित कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए और शिक्षा संबंधी योजनाओं के संचालन में निरंतरता बनी रहे।
शिक्षा विभाग का मानना है कि प्रस्ताव को मंत्री स्तर से मंजूरी मिलने के बाद तबादलों की पूरी सूची जारी कर दी जाएगी। इसके बाद विभागीय स्तर पर रिक्त पदों को भरने, प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने और विभिन्न कार्यालयों में कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। वरिष्ठ पदों पर नियुक्तियां और नई जिम्मेदारियां तय होने से विभाग के प्रशासनिक ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।




