
देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों एक वायरल पत्र को लेकर हलचल तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस कथित पत्र ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विधायक अरविंद पांडेय दोनों के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी है। मामला इतना बढ़ गया है कि पार्टी नेतृत्व को भी इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा है।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इस मुद्दे पर विधायक पांडेय से सीधे बातचीत की है। पार्टी चाहती है कि विधायक स्पष्ट रूप से बताएं कि वायरल हो रहा पत्र उनका है या नहीं। यदि यह पत्र फर्जी है, तो उसे सार्वजनिक रूप से खारिज किया जाए, ताकि भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।
बताया जा रहा है कि विधायक अरविंद पांडेय ने निजी तौर पर इस पत्र को गलत और भ्रामक करार दिया है। हालांकि, पार्टी ने उनसे यह भी कहा है कि वे मीडिया के सामने आकर आधिकारिक रूप से अपना पक्ष रखें, जिससे राजनीतिक विरोधियों को मुद्दा बनाने का मौका न मिले।
इस मामले को विपक्ष, खासकर कांग्रेस, ने भी उठाया है, जिससे विवाद और गहरा गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में इस तरह के वायरल दस्तावेज किसी भी दल या नेता के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
फिलहाल, भाजपा इस पूरे मामले को शांत करने की कोशिश में जुटी है और स्पष्टता लाकर विवाद खत्म करने की रणनीति पर काम कर रही है। विधायक की ओर से आधिकारिक बयान आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।




