
प्रयागराज। होलागढ़ क्षेत्र में हुआ दर्दनाक घटनाक्रम पूरे इलाके को स्तब्ध कर गया, जहाँ एक दंपती ने महज़ पाँच दिनों के भीतर अलग-अलग आत्महत्या कर ली। पहले पति ने फाँसी लगाकर अपनी जान दे दी थी, और अब उसी घटना के पाँचवें दिन उसकी पत्नी ने भी घर के अंदर फंदे से लटककर जान दे दी। इस दोहरी त्रासदी ने परिवार सहित पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। दोनों की मौत के बाद उनके इकलौते बेटे के सिर से माता-पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।
घटना शुक्रवार दोपहर सामने आई जब सहावपुर गाँव स्थित घर के एक कमरे में 28 वर्षीय अमीषा गुप्ता का शव फंदे से लटकता मिला। मृतका गांव के गल्ला कारोबारी और वर्तमान ग्राम प्रधान छेदीलाल गुप्ता की भयाहू थी। किसी परिजन ने कमरे का दरवाज़ा खुला देखा तो अंदर की स्थिति देखकर कोहराम मच गया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुँची टीम ने शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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गांव के लोग बताते हैं कि अमीषा के पति राजेश कुमार गुप्ता ने पाँच दिन पहले किसी मनोवैज्ञानिक तनाव के चलते फाँसी लगाकर जान दे दी थी। पति की अचानक मौत ने पत्नी को अंदर तक झकझोर दिया था, और तब से वह पूरी तरह टूट चुकी थी। परिजनों का कहना है कि वह लगातार आघात में थी और बहुत कम बोल रही थी। शुक्रवार को उसने यह चरम कदम उठाने से पहले क्या सोचा, कैसे यह सब हुआ—इन सवालों के जवाब किसी के पास नहीं हैं, लेकिन उसकी मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
दोनों की मौत के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजन बिलख-बिलखकर रो रहे हैं और बच्चे की स्थिति देख हर कोई व्यथित है। पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। अधिकारी आसपास के लोगों से पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह समझा जा सके कि दंपती को किन परिस्थितियों ने ऐसे फैसलों की ओर धकेला।
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यह दर्दनाक घटना फिर एक बार उस मानसिक दबाव और अवसाद की ओर संकेत करती है, जिसके चलते कई लोग समय रहते मदद नहीं ले पाते और आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं। पुलिस ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु का स्पष्ट कारण बयान किया जा सकेगा, परंतु शुरुआती जांच इसे आत्महत्या का मामला मान रही है।







