
चमोली। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने आपदा का रूप ले लिया है। चमोली जिले में देर रात से भारी बारिश के चलते मलारी हाईवे पर तमक नाला में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे वहां बना मोटर पुल बह गया। इस घटना के बाद चीन सीमा से लगे नीती घाटी का संपर्क एक बार फिर मुख्य मार्ग से कट गया है।
शनिवार को ही खुला था हाईवे
गौरतलब है कि लाता गांव के पास तीन दिन पहले चट्टान खिसकने से मलारी हाईवे बाधित हो गया था। इस दौरान 56 घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। शनिवार को सड़क खोलने के बाद वाहनों की आवाजाही सुचारु हुई और ग्रामीणों के साथ-साथ सेना और आईटीबीपी के जवानों ने भी राहत की सांस ली थी। लेकिन रविवार तड़के ही तमक नाला में उफान आने से पुल बह गया और हाईवे फिर से बंद हो गया।
नीती घाटी में फंसे लोग
पुल बहने से घाटी के ग्रामीणों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। इन दिनों नीती घाटी के गांवों में लोग अपने आराध्य देवताओं की पूजा-अर्चना करते हैं। इस अवसर पर बाहर से भी ग्रामीण अपने पैतृक गांव लौटते हैं। लेकिन मार्ग बाधित होने से अब कई लोग घाटी में फंसे हुए हैं और बाहर से आने वालों का पहुंचना मुश्किल हो गया है।
सेना और ITBP पर असर
नीती घाटी क्षेत्र रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम है क्योंकि यह सीधे चीन सीमा से जुड़ा है। हाईवे बाधित होने से सेना और आईटीबीपी के जवानों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विज्ञान विभाग के हाइड्रोमेट डिवीजन ने पहले ही अगले 24 घंटे के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी की थी। रविवार सुबह 5:30 बजे तक जारी चेतावनी में अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, देहरादून, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल और रुद्रप्रयाग जिले शामिल थे। भारी बारिश और नदियों के जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए थे।
ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें
लगातार बारिश और बार-बार मार्ग बाधित होने से नीती घाटी के ग्रामीणों में चिंता है। यहां रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं पहुंचने में दिक्कत आ रही है। वहीं, स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।