
ऋषिकेश। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों को राज्याधीन सेवाओं में दस प्रतिशत क्षेतिज आरक्षण की बहाली करने तथा चिह्नीकरण की प्रक्रिया को पूर्ण करने की मांग को लेकर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। उन्होंने 15 दिन के भीतर मांगों पर ठोस कार्यवाही ना होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
गुरुवार को उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के सदस्यों ने उप जिलाधिकारी ऋषिकेश के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित किया। मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम भंडारी ने अवगत कराया कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी वर्षों से लंबित प्रकरणों के समाधान की मांग करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर 2021 को विभिन्न जिलों में चिह्नीकरण समितियों की बैठक की गई थी, जिसमें चयनित राज्य आंदोलनकारियों की सूची जारी करने की बात कही गई थी।
मगर, अभी तक चिह्नीकरण की प्रक्रिया पूर्ण नहीं की गई। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की राज्याधीन सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की मांग पर 13 मार्च 2023 की गैरसैंन कैबिनेट में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता वाली कैबिनेट उपसमिति की सिफारिश को मंजूरी दिए जाने के बाद पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल था। मगर, आज तक सरकार कोई अधिसूचना या अध्यादेश लेकर नहीं आई है। जिससे आंदोलनकारियों में आक्रोश व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि यदि आंदोलनकारियों की मांगों पर 15 दिन के भीतर ठोस निर्णय नहीं किया जाता तो आंदोलनकारी राज्यव्यापी आंदोलन के लिए विवश होंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा, सचिव रुकम पोखरियाल, राजेंद्र कोठारी, हरि सिंह नेगी, दिगंबर डोभाल, अनिल सक्सेना, कमलेश पोखरियाल, सुशीला राणा, रोशनी खरोला, सरोजिनी थपलियाल, मदन शर्मा, पीएल जुगलान, रविंद्र कौर, पूर्णानंद तिवारी, संजीव नेगी, भूपेंद्र चौहान, कृष्णा खत्री, विजय जोशी, जुगल किशोर, भावना, सुशीला उनियाल आदि शामिल रहे।
उधर, न्याय पंचायत रानीपोखरी के उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों चिह्नीकरण आंदोलनकारी मंच के सदस्यों ने उप जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित किया। उन्होंने 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण शीघ्र बहाल करने, राज्य आंदोलनकारियों को लोकतंत्र सेनानियों की तर्ज पर 20 हजार रुपए सम्मान पेंशन देने तथा राज्य आंदोलनकारी पेंशनधारियों को पेंशन पट्टा जारी करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में है पूर्व प्रधान पुष्पराज बहुगुणा, दीपक भट्ट, नरेश पुंडीर, पूर्णानंद तिवारी, संजीव नेगी, राजेंद्र तोमर, धर्मेंद्र यादव, आदेश कुमार, भगवान सिंह, राजीव जोशी आदि शामिल थे