
उत्तरकाशी। केदारताल ट्रैक पर हुए हिमस्खलन ने कई परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। इस हादसे में लापता ट्रैकर्स में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गायत्रीपुरम निवासी दो सगी बहनें वर्तिका वर्मा और दीपिका वर्मा भी शामिल हैं। दोनों की सलामती की खबर मिलने की उम्मीद में उनका परिवार परेशान है। सोशल मीडिया के माध्यम से हादसे की जानकारी मिलने के बाद उनके भाई अतुल वर्मा परिजनों के साथ उत्तरकाशी पहुंचे हैं।
अतुल वर्मा ने बताया कि ट्रैकिंग एजेंसी की ओर से उन्हें घटना की जानकारी नहीं दी गई थी। सोशल मीडिया पर खबर देखने के बाद उन्हें अपनी बहनों के केदारताल ट्रैक पर फंसे होने की जानकारी मिली। इसके बाद वह परिजनों के साथ उत्तरकाशी पहुंचे और बहनों के बारे में जानकारी जुटाने लगे।
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उन्होंने बताया कि उनकी बहन वर्तिका वर्मा फ्रीलांसर और इन्फ्लुएंसर हैं, जबकि दूसरी बहन दीपिका वर्मा एक निजी कंपनी में ग्राफिक्स डिजाइनिंग का काम करती हैं। दोनों को ट्रैकिंग का शौक है और इससे पहले भी वे भारत और नेपाल के विभिन्न ट्रैक पर सफलतापूर्वक ट्रैकिंग कर चुकी हैं।
दो महीने पहले की थी फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब की ट्रैकिंग
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अतुल के अनुसार, करीब दो महीने पहले ही वर्तिका और दीपिका फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब की ट्रैकिंग करके लौटी थीं। इससे पहले एक साल पूर्व उन्होंने अपने भाई अतुल और दो दोस्तों के साथ उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र में केदारकांठा की सफल ट्रैकिंग की थी। दोनों बहनें नेपाल के कई स्थानों पर भी ट्रैकिंग कर चुकी हैं।
अतुल ने बताया कि उनकी बहनों ने ट्रैकिंग के दौरान जरूरी सुविधाओं और सुरक्षा से संबंधित उपकरणों का भी इंतजाम किया हुआ था। परिवार को उम्मीद है कि दोनों सुरक्षित होंगी और जल्द उनके बारे में कोई सकारात्मक सूचना मिलेगी।
केदारताल में आठ ट्रैकर्स की तलाश जारी, दो शव बरामद
उधर, केदारताल ट्रैक पर फंसे आठ ट्रैकर्स की तलाश के लिए एसडीआरएफ और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। मंगलवार को मौसम खुलने के बाद करीब चार हजार मीटर की ऊंचाई पर कच्ची ढांग के समीप रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
इस दौरान बचाव दल को एक महिला और एक पुरुष के शव मिले। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने दो शव बरामद होने की पुष्टि की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ये शव लापता ट्रैकर्स के ही बताए जा रहे हैं।
बुधवार को दोनों शवों को हेलिकॉप्टर के माध्यम से हर्षिल हेलीपैड लाने की तैयारी की गई है। वहीं, शेष छह ट्रैकर्स की तलाश के लिए निम और एसडीआरएफ की हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम का अभियान जारी है।
हिमस्खलन के बाद से लापता लोगों के परिजन उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। दो शव मिलने के बाद परिवारों की चिंता और बढ़ गई है। फिलहाल बचाव दल का पूरा ध्यान शेष लापता ट्रैकर्स का पता लगाने पर है।





