
देहरादून। करवा चौथ के अवसर पर सुहागिन महिलाएं गुरुवार को पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रख रही हैं। दिनभर व्रत रखने के बाद महिलाओं को रात में चंद्रोदय का इंतजार रहेगा। चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद व्रत खोला जाता है। उत्तराखंड के अलग-अलग शहरों में चांद निकलने के समय में कुछ मिनटों का अंतर रहने का अनुमान है।
उत्तराखंड के आठ शहरों में चंद्रोदय का समय
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करवा चौथ पर प्रमुख शहरों में चंद्रोदय का संभावित समय इस प्रकार है।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
| शहर | चंद्रोदय का संभावित समय |
|---|---|
| देहरादून | रात 8:02 बजे |
| हरिद्वार | रात 8:03 बजे |
| ऋषिकेश | रात 8:02 बजे |
| रुड़की | रात 8:02 बजे |
| नैनीताल | रात 7:59 बजे |
| टिहरी | रात 8:00 बजे |
| रुद्रप्रयाग | रात 7:57 बजे |
| अल्मोड़ा | रात 7:57 बजे |
नोट: ये समाचार में दिए गए अनुमानित समय हैं। वास्तविक चंद्रोदय मौसम, स्थानीय क्षितिज और स्थान के अनुसार अलग दिखाई दे सकता है। बादल होने पर चंद्रमा के दर्शन में देरी भी हो सकती है।
चंद्र दर्शन के बाद खोला जाता है व्रत
करवा चौथ पर महिलाएं परंपरागत रूप से सूर्योदय के बाद से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को पूजा-अर्चना के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। कई परिवारों में महिलाएं छलनी से चंद्रमा और फिर पति का चेहरा देखकर व्रत खोलती हैं।
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मौसम भी डाल सकता है असर
चंद्रोदय का समय अनुमानित होने के कारण वास्तविक दर्शन में कुछ अंतर हो सकता है। आसमान में बादल होने या स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के कारण चंद्रमा निर्धारित समय पर दिखाई न दे। इसलिए व्रत रखने वाली महिलाएं अपने शहर की स्थानीय परिस्थितियों को भी ध्यान में रखें।





