
देहरादून। मेघालय में होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर पदकों का नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में हैं। खिलाड़ियों में प्रतियोगिता को लेकर उत्साह है, लेकिन प्रशिक्षण और जरूरी सुविधाओं को लेकर खेल संघों को अब तक खेल विभाग के सहयोग का इंतजार है। संघों का कहना है कि समय रहते तैयारियां शुरू करना जरूरी है, ताकि खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए पर्याप्त अभ्यास का अवसर मिल सके।
खेल संघों के साथ अब तक बैठक नहीं
खेल संघों के पदाधिकारियों के मुताबिक, राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों को लेकर अब तक खेल विभाग की ओर से कोई बैठक आयोजित नहीं की गई है। संघों का कहना है कि इस समय तक खिलाड़ियों का चयन कर उनका प्रशिक्षण शुरू हो जाना चाहिए था। प्रशिक्षण में देरी होने से खिलाड़ियों को प्रतियोगिता से पहले पर्याप्त तैयारी का समय मिलने पर असर पड़ सकता है।
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पदकों का नया रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य
खेल संघों का कहना है कि 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया था। आगामी राष्ट्रीय खेलों में इसी प्रदर्शन को आधार बनाकर पदकों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य रखा जा सकता है। इसके लिए खिलाड़ियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन, अभ्यास शिविरों, अन्य प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर और आवश्यक खेल सुविधाओं की जरूरत है।
खिलाड़ियों को विभागीय सहयोग का इंतजार
संघों के अनुसार, खिलाड़ी अपने स्तर पर तैयारियों में जुटे हैं। खेल विभाग का सहयोग मिलने से इन तैयारियों को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जा सकता है। संघों ने मांग की है कि विभाग जल्द बैठक आयोजित कर अलग-अलग खेलों की तैयारियों की रूपरेखा तय करे और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू कराए।
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राष्ट्रीय खेलों को लेकर खिलाड़ियों में उत्साह
खेल संघों का कहना है कि मेघालय में होने वाले राष्ट्रीय खेलों को लेकर खिलाड़ियों में उत्साह है। अब तैयारियों को गति देने के लिए खेल विभाग और संघों के बीच समन्वय जरूरी है, ताकि खिलाड़ियों को समय पर प्रशिक्षण और जरूरी सुविधाएं मिल सकें।
उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव डीके सिंह के अनुसार, राष्ट्रीय खेलों की तैयारी के लिए खेल विभाग और खेल एसोसिएशनों के बीच बैठक अब तक हो जानी चाहिए थी, जिससे खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और प्रतियोगिता की तैयारियों के लिए पर्याप्त समय मिल सके।





