
देहरादून। उत्तराखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी दिनेश आर्य का निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है। उनके सामने किसी अन्य प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को नाम वापसी की समय सीमा पूरी होने के बाद निर्वाचन आयोग की टीम उनके निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा करेगी।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
दिनेश आर्य के राज्यसभा पहुंचने से उत्तराखंड को नया प्रतिनिधित्व मिलेगा। इसे कुमाऊं क्षेत्र के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुमाऊं से भगत सिंह कोश्यारी के बाद करीब 12 साल के अंतराल पर इस क्षेत्र से किसी चेहरे के राज्यसभा सांसद बनने का अवसर सामने आया है।
मुख्यमंत्री धामी के पीआरओ रह चुके हैं दिनेश आर्य
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
दिनेश आर्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पीआरओ रह चुके हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नैनीताल सीट से भाजपा के टिकट पर दावेदारी की थी। हालांकि, पार्टी ने उस समय सरिता आर्य को अपना प्रत्याशी बनाया था। इसके बाद दिनेश आर्य ने इस्तीफा दे दिया था। बाद में मान-मनौव्वल के तहत उन्हें सरकार में जिम्मेदारी दी गई।
नाम वापसी के बाद होगी औपचारिक घोषणा
राज्यसभा चुनाव में दिनेश आर्य के अलावा किसी अन्य प्रत्याशी के मैदान में नहीं होने के कारण उनका निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। हालांकि, निर्वाचन की औपचारिक घोषणा नाम वापसी की निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
दिनेश आर्य के निर्विरोध निर्वाचन के साथ ही उत्तराखंड भाजपा को राज्यसभा में अपना प्रतिनिधि मिल जाएगा। वहीं, कुमाऊं क्षेत्र के लिए भी यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे करीब 12 साल बाद इस क्षेत्र को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व मिलने की बात सामने आई है।






