
देहरादून। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने तीन तलाक और हलाला जैसी परिस्थितियों से पीड़ित तथा बेसहारा महिलाओं के पुनर्वास के लिए मुफ्त आवास उपलब्ध कराने की योजना तैयार की है। बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स के अनुसार इस योजना को लेकर अगले महीने वक्फ बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। प्रस्ताव पर बोर्ड की बैठक में निर्णय होने के बाद ही योजना के क्रियान्वयन की दिशा स्पष्ट होगी।
बोर्ड का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य उन महिलाओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है, जो वैवाहिक परिस्थितियों के कारण बेसहारा हो गई हैं और पुनर्वास की जरूरत महसूस कर रही हैं। योजना के तहत वक्फ बोर्ड की उपलब्ध जमीन और भवनों का उपयोग जरूरतमंद महिलाओं के लिए किए जाने की बात कही गई है।
वक्फ बोर्ड की जमीन के इस्तेमाल की योजना
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स के अनुसार बोर्ड के पास प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़ी मात्रा में जमीन उपलब्ध है। उनका कहना है कि इस जमीन का उपयोग जरूरतमंद और पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास के लिए किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ बोर्ड की जमीनों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। कब्जा हटने के बाद खाली कराई गई जमीन और उपलब्ध भवनों का इस्तेमाल पीड़ित महिलाओं के लिए आवास उपलब्ध कराने की योजना में किया जा सकता है।
हालांकि, इन जमीनों और भवनों के चयन, आवास की संख्या, पात्रता तथा योजना के संचालन से जुड़ी विस्तृत व्यवस्था अभी प्रस्ताव के स्तर पर है। इन पहलुओं पर बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया जाना बाकी है।
तीन तलाक से प्रभावित महिलाओं के पुनर्वास पर जोर
शादाब शम्स ने कहा कि कई मामलों में तीन तलाक के बाद महिलाओं के सामने आर्थिक और सामाजिक स्तर पर कठिन परिस्थितियां पैदा हो जाती हैं। ऐसी महिलाओं को सुरक्षित आवास और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराने की जरूरत है।
बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार प्रस्तावित योजना का उद्देश्य ऐसी महिलाओं को सहारा देना और उन्हें सुरक्षित आशियाना उपलब्ध कराना है। इसके लिए वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का उपयोग करने की योजना बनाई जा रही है।
सरकार के यूसीसी लागू करने का भी उल्लेख
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद तीन तलाक पर रोक के बावजूद ऐसे मामलों से प्रभावित महिलाओं के पुनर्वास की जरूरत बनी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए वक्फ बोर्ड की ओर से आवास उपलब्ध कराने की योजना तैयार किए जाने की बात कही गई है।
प्रस्तावित योजना के तहत ऐसी महिलाओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य पर भी जोर दिया गया है।
अभी प्रस्ताव के स्तर पर योजना
समाज कल्याण मंत्री खजानदास ने स्पष्ट किया है कि यह योजना फिलहाल प्रस्तावित है। वक्फ बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव रखे जाने के बाद ही इस पर निर्णय होगा। इसके बाद योजना की पात्रता, आवास की व्यवस्था, जमीन और भवनों के चयन तथा क्रियान्वयन से संबंधित प्रक्रिया तय की जा सकेगी।
इसलिए फिलहाल मुफ्त आवास उपलब्ध कराने की योजना को अंतिम रूप से लागू योजना नहीं माना जा सकता। अगले महीने होने वाली बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पर होने वाला निर्णय इसके आगे की दिशा तय करेगा।




