
देहरादून। फेसबुक पर चल रहे कथित KBC ऑनलाइन गेम में 8.5 लाख रुपये जीतने का झांसा देकर रुद्रप्रयाग के एक व्यक्ति से करीब 1.50 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने इनामी रकम और कार दिलाने के नाम पर अलग-अलग टैक्स, शुल्क और अन्य मदों में भुगतान कराया। लगातार रकम जमा करने के बावजूद जब पीड़ित को कोई इनाम नहीं मिला, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
मामले में अगस्त्यमुनि थाना क्षेत्र के ग्राम किणझाणी निवासी कमल सिंह (54) ने देहरादून स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, उन्होंने 14 जनवरी 2026 से फेसबुक पर चल रहे KBC ऑनलाइन गेम में हिस्सा लेना शुरू किया था। इसमें ‘चेहरा पहचानो’ गेम के तहत सही जवाब देने पर 8.5 लाख रुपये इनाम देने का दावा किया गया था।
बताया गया है कि शुरुआत में ही कमल सिंह को 8.5 लाख रुपये जीतने की जानकारी दी गई। इसके बाद नितिन नाम के व्यक्ति ने WhatsApp के माध्यम से उनसे संपर्क किया और इनामी राशि जारी करने के लिए पहले 1,550 रुपये टैक्स जमा करने को कहा।
रकम जमा करने के बाद अलग-अलग WhatsApp नंबरों से उनसे संपर्क किया जाने लगा। कथित ठगों ने भरोसा कायम करने के लिए मुकेश अंबानी, अमिताभ बच्चन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों वाले दस्तावेज भेजे। शिकायत के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक और अन्य संस्थाओं के नाम से भी कथित दस्तावेज भेजकर उन्हें विश्वास में लिया गया।
इसके बाद पीड़ित को बताया गया कि उन्होंने कई करोड़ रुपये और एक चारपहिया वाहन जीत लिया है। इनाम और कार हासिल करने के लिए उनसे अलग-अलग टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, क्लियरेंस शुल्क और अन्य मदों के नाम पर रकम जमा कराई गई।
अलग-अलग खातों में जमा कराई रकम
शिकायत के अनुसार, कमल सिंह 30 मार्च से 16 सितंबर 2026 के बीच लगातार अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करते रहे। रकम बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय स्टेट बैंक, चमोली कोऑपरेटिव बैंक और उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के माध्यम से ऑनलाइन तथा नकद जमा कराई गई।
ठगी की रकम जुटाने के लिए उन्होंने कई लोगों से उधार भी लिया। भुगतान का सिलसिला लंबे समय तक चलता रहा, लेकिन न तो कथित इनामी राशि मिली और न ही कार।
लगातार भुगतान के बाद भी जब ठगों की ओर से नई-नई रकम की मांग जारी रही, तब पीड़ित को संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की जानकारी साइबर पुलिस को दी।
साइबर थाना पुलिस ने शुरू की जांच
शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में प्राथमिकी दर्ज की गई है। साइबर थाना प्रभारी देवेंद्र नबियाल के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अब कथित ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, ऑनलाइन लेन-देन, मोबाइल नंबरों और WhatsApp संपर्कों की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रकम किन-किन खातों में पहुंची और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका क्या है।
यह मामला ऑनलाइन इनाम और गेम के नाम पर होने वाली साइबर ठगी के खतरे को भी सामने लाता है। ऐसे मामलों में ठग पहले बड़ी इनामी राशि जीतने का लालच देते हैं और इसके बाद टैक्स, प्रोसेसिंग फीस या अन्य शुल्क के नाम पर लगातार भुगतान कराने की कोशिश करते हैं। किसी भी ऑनलाइन प्रतियोगिता या इनाम के लिए भुगतान करने से पहले उसकी आधिकारिकता की पुष्टि करना जरूरी है।



