
देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियों के बीच सहसपुर विधानसभा सीट चर्चा में आ गई है। कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा है कि वह सहसपुर सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को भी इसी सीट से चुनाव मैदान में उतरने की चुनौती दी है।
रविवार को मीडिया से बातचीत में हरक सिंह रावत ने कहा कि वह सहसपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उनके खिलाफ प्रचार कर रही है। इसी दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को सहसपुर से चुनाव लड़ने की चुनौती दी।
हरक सिंह रावत ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस की ओर से अभी किसी उम्मीदवार का टिकट अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान जिसे भी प्रत्याशी बनाएगा, कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता उसके लिए काम करेंगे। उनके अनुसार चुनाव में प्रत्याशी से अधिक पार्टी का चुनाव चिह्न महत्वपूर्ण होगा।
सहसपुर सीट को लेकर हरक सिंह रावत की सक्रियता पहले भी सामने आती रही है। मई 2026 में उन्होंने कहा था कि पार्टी यदि उन्हें सहसपुर, धर्मपुर या कोटद्वार में से किसी सीट से चुनाव लड़ने के लिए कहती है तो वह तैयार हैं। उस समय उन्होंने अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान पर छोड़ा था।
इसके बाद अगस्त में भी सहसपुर सीट को लेकर उनके चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर राजनीतिक चर्चा हुई थी। हाल के दिनों में सहसपुर क्षेत्र में उनके जनसंपर्क कार्यक्रम भी सामने आए हैं। सितंबर में क्षेत्र में उनके समर्थन में नारेबाजी की खबरें भी प्रकाशित हुईं। हालांकि, इन गतिविधियों के बावजूद कांग्रेस की ओर से सहसपुर के लिए आधिकारिक प्रत्याशी की घोषणा अभी नहीं हुई है।
हरक सिंह रावत के ताजा बयान से सहसपुर विधानसभा सीट पर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है। उनके बयान का एक हिस्सा सीधे मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को चुनाव लड़ने की चुनौती से जुड़ा है, जबकि दूसरी ओर उन्होंने स्वयं भी टिकट के अंतिम निर्णय का अधिकार कांग्रेस हाईकमान को बताया है।
फिलहाल सहसपुर से कांग्रेस का आधिकारिक उम्मीदवार कौन होगा, यह पार्टी के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा। हरक सिंह रावत की ओर से सहसपुर से चुनाव लड़ने की तैयारी की बात सामने आई है, लेकिन इसे अभी कांग्रेस के अंतिम टिकट निर्णय के रूप में नहीं देखा जा सकता।




