
जबलपुर: अगर आप ऐसी जगह घूमने की योजना बना रहे हैं, जहां प्राकृतिक खूबसूरती के साथ इतिहास, भूगोल, रोमांच और रहस्य का अनोखा मेल देखने को मिले, तो मध्यप्रदेश का भेड़ाघाट आपके लिए खास पर्यटन स्थल हो सकता है। जबलपुर के पास स्थित भेड़ाघाट नर्मदा नदी, ऊंची संगमरमर की चट्टानों और प्रसिद्ध धुआंधार वॉटरफॉल के कारण देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है। यहां की प्राकृतिक संरचनाएं और आसपास मौजूद ऐतिहासिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यही वजह है कि भेड़ाघाट को फिल्मों की शूटिंग और नर्मदा में बोटिंग के लिए भी पसंद किया जाता है।
100 फीट ऊंची संगमरमर की चट्टानें हैं खास पहचान
भेड़ाघाट की सबसे बड़ी खासियत यहां मौजूद ऊंची-ऊंची संगमरमर की चट्टानें हैं। नर्मदा नदी के तेज बहाव ने इन चट्टानों के बीच से अपना रास्ता बनाते हुए करीब पांच किलोमीटर लंबी खूबसूरत घाटी का निर्माण किया है। नदी में बोटिंग करते समय दोनों ओर खड़ी चट्टानों का नजारा बेहद आकर्षक दिखाई देता है।
इन चट्टानों की संरचना और रंग भी पर्यटकों का ध्यान खींचते हैं। अलग-अलग कोणों से देखने पर इनका आकार और स्वरूप बदलता हुआ नजर आता है। दिन में सूर्य की रोशनी और रात में चांदनी इन चट्टानों की खूबसूरती को और बढ़ा देती है।
जमीन में छिपे हैं प्राचीन रहस्य
भेड़ाघाट केवल पर्यटन के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि भूगोल और भू-विज्ञान के दृष्टिकोण से भी यह क्षेत्र काफी खास माना जाता है। क्षेत्र की चट्टानी संरचनाएं इसके प्राचीन भूगर्भीय इतिहास की ओर संकेत करती हैं।
समाचार में दिए गए विवरण के अनुसार, इस क्षेत्र में प्राचीन ज्वालामुखीय गतिविधियों से जुड़ी चट्टानी संरचनाएं भी पाई जाती हैं। इसी इलाके में डायनासोर के अंडे मिलने का भी उल्लेख किया गया है, जो इस क्षेत्र को इतिहास और जीवाश्म विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी आकर्षक बनाता है।
धुआंधार वॉटरफॉल का अद्भुत नजारा
भेड़ाघाट की यात्रा धुआंधार वॉटरफॉल देखे बिना अधूरी मानी जा सकती है। नर्मदा नदी का पानी जब तेज रफ्तार से ऊंचाई से नीचे गिरता है तो पानी की महीन बूंदें चारों ओर धुएं की तरह उड़ती दिखाई देती हैं। इसी वजह से इसे धुआंधार नाम मिला है।
झरने के आसपास पानी के तेज बहाव की आवाज काफी दूर तक सुनाई देती है। मानसून और नदी में पर्याप्त जल होने के दौरान इसका दृश्य और भी प्रभावशाली हो जाता है।
फिल्मों की भी पसंद है भेड़ाघाट
भेड़ाघाट की प्राकृतिक खूबसूरती ने फिल्म निर्माताओं को भी लंबे समय से आकर्षित किया है। यहां बॉलीवुड की कई फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है। शाहरुख खान और तापसी पन्नू अभिनीत फिल्म ‘डंकी’ में भी भेड़ाघाट के खूबसूरत दृश्य दिखाई देते हैं।
इसके अलावा ‘मोहेंजोदड़ो’, ‘बॉबी’, ‘प्राण जाए पर वचन न जाए’ और राज कपूर की क्लासिक फिल्म ‘जिस देश में गंगा बहती है’ जैसी फिल्मों में भी इस क्षेत्र के नजारे देखने को मिले हैं।
चौंसठ योगिनी मंदिर भी है आकर्षण
भेड़ाघाट घूमने के दौरान चौंसठ योगिनी मंदिर भी देखा जा सकता है। नर्मदा नदी के ऊपर पहाड़ी पर स्थित यह ऐतिहासिक मंदिर धार्मिक और स्थापत्य दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। मंदिर में मां दुर्गा की 64 योगिनियों की मूर्तियां स्थापित हैं और इनके बीच भगवान शिव की प्रतिमा विराजमान है।
मंदिर से आसपास के क्षेत्र और नर्मदा नदी का दृश्य भी काफी आकर्षक दिखाई देता है।
बैलेंसिंग रॉक्स का प्राकृतिक चमत्कार
भेड़ाघाट क्षेत्र में बैलेंसिंग रॉक्स भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं। बड़ी-बड़ी गोलाकार चट्टानों का इस तरह एक-दूसरे के ऊपर संतुलित दिखाई देना लोगों के लिए कौतूहल का विषय रहता है।
इन चट्टानों की प्राकृतिक संरचना और संतुलन इन्हें खास बनाता है। माना जाता है कि इनका निर्माण क्षेत्र में हुई प्राचीन भूगर्भीय एवं ज्वालामुखीय गतिविधियों से जुड़ा है।
नर्मदा में बोटिंग का अलग अनुभव
भेड़ाघाट की यात्रा में नर्मदा नदी में बोटिंग सबसे यादगार अनुभवों में से एक हो सकती है। नाव से दोनों ओर खड़ी संगमरमर की चट्टानों को करीब से देखने का अवसर मिलता है। नदी के बीच से चट्टानों का बदलता स्वरूप और घाटी का दृश्य पर्यटकों को खास अनुभव देता है।
चट्टानों के बीच से गुजरती नाव और ऊपर दिखाई देती ऊंची प्राकृतिक दीवारें इस यात्रा को बेहद आकर्षक बना देती हैं।
कैसे पहुंचें भेड़ाघाट
भेड़ाघाट जबलपुर शहर से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां सड़क और रेल मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। जबलपुर रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से भेड़ाघाट के लिए स्थानीय परिवहन के विकल्प उपलब्ध रहते हैं।
अगर आप हवाई मार्ग से यात्रा करना चाहते हैं तो जबलपुर का एयरपोर्ट इस्तेमाल कर सकते हैं। भेड़ाघाट पहुंचने के बाद क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों को देखने के लिए स्थानीय परिवहन का सहारा लिया जा सकता है। इसके अलावा पर्यटक रोपवे का आनंद भी ले सकते हैं। नर्मदा नदी, संगमरमर की चट्टानों और आसपास के घाटों का नजारा देखने के लिए बोटिंग भी एक प्रमुख आकर्षण है।
प्राकृतिक खूबसूरती, इतिहास और रोमांच का संगम
भेड़ाघाट की खासियत यही है कि यहां एक ही यात्रा में प्रकृति, नदी, चट्टान, झरना, धार्मिक स्थल, भूगर्भीय संरचनाएं और फिल्मों से जुड़ी यादें देखने को मिल जाती हैं। संगमरमर की ऊंची चट्टानों के बीच बहती नर्मदा और धुआंधार वॉटरफॉल इस जगह को मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करते हैं। यदि आप जबलपुर की यात्रा कर रहे हैं तो भेड़ाघाट को अपनी यात्रा सूची में शामिल करना एक यादगार अनुभव हो सकता है।







