
देहरादून। कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में वीर जवानों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से ‘रन फॉर कारगिल हीरोज’ मैराथन का आयोजन किया गया। गढ़ी कैंट स्थित चिड़बाग शौर्य स्थल से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, पूर्व सैनिकों, सैन्य अधिकारियों और नागरिकों ने भाग लेकर कारगिल के शहीदों को नमन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों ने अपने अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान से भारत का मान-सम्मान पूरी दुनिया में ऊंचा किया। उन्होंने कहा कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले इन वीरों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और आने वाली प्रत्येक पीढ़ी उनके शौर्य से प्रेरणा लेती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल के रणबांकुरों ने कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अद्वितीय वीरता का परिचय दिया। उनका त्याग और राष्ट्रभक्ति युवाओं के लिए आदर्श है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल श्रद्धांजलि देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि युवाओं में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और देशसेवा की भावना को भी मजबूत करते हैं।
मुख्यमंत्री ने मैराथन में बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उत्साह इस बात का प्रमाण है कि नई पीढ़ी अपने वीर सैनिकों के बलिदान को सम्मानपूर्वक याद करती है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश भी दिया।
‘रन फॉर कारगिल हीरोज’ मैराथन का आयोजन कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में किया गया, ताकि कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए समाज में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश प्रसारित किया जा सके। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने देशभक्ति के नारों के साथ कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।




