
हल्द्वानी। नैनीताल जिले के गौलापार क्षेत्र स्थित मानपुर गांव में मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। निर्माणाधीन पानी के टैंक के भीतर दम घुटने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों—मां और उसके दो बेटों—की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार मानपुर निवासी परिवार के सदस्य निर्माणाधीन पानी के टैंक के पास मौजूद थे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पहले एक व्यक्ति टैंक के भीतर गया और उसके अचेत होने पर दूसरा तथा बाद में मां भी उसे बचाने के प्रयास में अंदर पहुंच गईं। कुछ ही देर में तीनों बेहोश हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर निकालकर तत्काल सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
हादसे में जान गंवाने वाले दोनों भाई परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रहे थे। बड़ा बेटा प्लंबर का काम करने के साथ खेती-बाड़ी में भी हाथ बंटाता था, जबकि छोटा बेटा सितारगंज स्थित एक औद्योगिक इकाई में इलेक्ट्रीशियन के रूप में कार्यरत था। परिवार पहले ही करीब 12 वर्ष पूर्व सड़क दुर्घटना में पिता को खो चुका था। अब मां और दोनों बेटों की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
परिजनों के अनुसार छोटे बेटे की पत्नी गर्भवती है और परिवार में एक छोटा बच्चा भी है। घटना के बाद परिवार के सामने भावनात्मक संकट के साथ-साथ आजीविका की चुनौती भी खड़ी हो गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि जिस निर्माणाधीन टैंक में हादसा हुआ, उसमें पानी और कीचड़ मौजूद था। टैंक का आकार लगभग 10×10 फीट तथा गहराई भी लगभग इतनी ही बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि आसपास स्थित गोबर गैस संयंत्र या टैंक के भीतर जमा जहरीली गैस हादसे का कारण हो सकती है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सुशीला तिवारी अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि मृत्यु के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे बंद टैंकों में मीथेन, हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी जहरीली गैसें या ऑक्सीजन की कमी जानलेवा साबित हो सकती है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए गए हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने हादसे की निष्पक्ष जांच कराने तथा मृतकों के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।




