
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 100 सड़कें बंद हो गई हैं। अधिकांश प्रभावित सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, जिससे दूरस्थ इलाकों में आवागमन और दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने संबंधित विभागों को युद्धस्तर पर सड़कें खोलने के निर्देश दिए हैं। वहीं, मौसम विभाग ने सोमवार को भी कई पर्वतीय जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देहरादून जिले में 10 ग्रामीण मार्ग बंद हैं। चमोली में 12, पिथौरागढ़ में 14, उत्तरकाशी में 10, टिहरी में नौ, अल्मोड़ा में पांच और रुद्रप्रयाग में चार सड़कें मलबा और पत्थर गिरने के कारण बाधित हैं। संबंधित विभाग जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मार्गों को खोलने में जुटे हैं, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में यातायात जल्द सामान्य हो सके।
नैनीताल जिले में हल्द्वानी-भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामगढ़ पुल के समीप सड़क धंसने से भारी वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई है। जिले की दो ग्रामीण सड़कें भी बंद हैं। वहीं उत्तरकाशी में ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्यानाचट्टी के पास मलबा आने से अवरुद्ध है। इसके अलावा जिले के 10 ग्रामीण मार्ग भी बंद पड़े हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।
रविवार को लगातार बारिश का दौर थमने के बाद प्रदेश के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। खासकर देहरादून सहित मैदानी इलाकों में तेज धूप और उमस के कारण लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, देहरादून का अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग तीन डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत अस्थायी है। सोमवार को देहरादून, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। विभाग ने संवेदनशील इलाकों, नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों और पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वालों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 18 जुलाई तक प्रदेश में मानसून सक्रिय बना रहेगा। बीच-बीच में तेज बारिश, आकाशीय बिजली और भूस्खलन की घटनाएं हो सकती हैं। प्रशासन ने जिला अधिकारियों, आपदा प्रबंधन इकाइयों और संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
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