
ऊधम सिंह नगर। रुद्रपुर में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। कुछ ही देर की बारिश के बाद शहर का मुख्य बाजार, गांधी पार्क रोड, अग्रसेन चौक और आसपास के कई प्रमुख इलाके घुटनों तक पानी में डूब गए। दुकानों में बारिश का पानी घुसने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा, जबकि सड़कें तालाब में तब्दील होने से आम जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ।
बारिश के बाद शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में जलभराव इतना अधिक हो गया कि कई दुकानदारों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ीं। पानी दुकानों के भीतर घुसने से सामान खराब होने की आशंका के बीच व्यापारियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि हर वर्ष बरसात के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जाता।
स्थानीय लोगों के अनुसार, शहर की ड्रेनेज व्यवस्था बारिश का पानी निकालने में पूरी तरह विफल साबित हुई। नालियों से पानी की निकासी नहीं होने के कारण सड़कें जलमग्न हो गईं और कई स्थानों पर वाहन बीच रास्ते में फंस गए। पैदल चलने वालों को भी पानी से होकर गुजरना पड़ा, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहा।
जलभराव का असर यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। कई घंटों तक प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। स्कूली बच्चों, कर्मचारियों और बाजार आने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण ग्राहक बाजार नहीं पहुंच सके, जिससे कारोबार पर भी असर पड़ा और व्यापारियों की बिक्री प्रभावित हुई।
व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन एवं नगर निगम से शहर की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि बरसात के हर मौसम में जलभराव की समस्या दोहराई जाती है, जिससे जनजीवन और व्यापार दोनों प्रभावित होते हैं। लोगों ने ड्रेनेज सिस्टम के सुधार, नालों की नियमित सफाई और स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्ययोजना लागू करने की मांग की है।




