
चमोली। प्री-मानसून की पहली तेज बारिश ने चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में व्यापक नुकसान पहुंचाया। बृहस्पतिवार देर रात हुई अतिवृष्टि के कारण नारायणबगड़ ब्लॉक मुख्यालय के पीछे स्थित जंगल से पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा और पत्थर बहकर आबादी वाले क्षेत्र में आ गए। इससे राजकीय इंटर कॉलेज परिसर, अस्पताल, बाजार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित हुए, जबकि गौचर कस्बे में जलभराव की स्थिति बन गई।
सबसे अधिक नुकसान नारायणबगड़ स्थित राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में हुआ। विद्यालय के पीछे जंगल से आए तेज बहाव ने तीन कक्षा-कक्षों की दीवारें तोड़ दीं। मलबा छात्रावास और पूरे कॉलेज परिसर में फैल गया, जिससे प्रधानाचार्य कार्यालय, विद्यालय कार्यालय और अन्य कई कक्षों में मिट्टी, पत्थर और पानी भर गया। परिसर में चारों ओर मलबा जमा होने से विद्यालय की व्यवस्थाएं पूरी तरह प्रभावित हो गईं।
इंटर कॉलेज और अस्पताल के बीच बने नाले में अचानक आए तेज बहाव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। नाले से निकला मलबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर फैल गया, जिससे सड़क पर यातायात बाधित हो गया। मलबे की चपेट में आने से बाजार की करीब एक दर्जन दुकानों में मिट्टी और पत्थर भर गए। कई दोपहिया वाहन तथा हल्के चारपहिया वाहन भी मलबे में आंशिक रूप से दब गए, जिससे व्यापारियों और वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
लगातार बारिश के कारण रात में राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया था। सड़क बंद होने से नारायणबगड़ बाजार के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। शुक्रवार सुबह सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क पर जमा मलबा हटाया, जिसके बाद राजमार्ग पर यातायात को फिर से सुचारु किया जा सका।
दूसरी ओर गौचर कस्बे में भी भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया। बारिश का पानी दुकानों के भीतर घुसने से व्यापारियों को नुकसान हुआ। शुक्रवार सुबह स्थानीय लोग अपनी दुकानों से पानी और मलबा निकालने में जुटे रहे। कई स्थानों पर सड़कें कीचड़ से भर गईं, जिससे लोगों को आवागमन में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में प्री-मानसून की पहली ही तेज बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की कमियों को उजागर कर दिया है। जंगलों से बहकर आने वाले मलबे और नालों की सफाई समय पर नहीं होने के कारण नुकसान और बढ़ गया। लोगों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर नुकसान का आकलन करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए स्थायी उपाय करने की मांग की है।
मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और राहत एवं सफाई कार्य जारी हैं।





