
देहरादून। सहसपुर क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में भाजपा नेता विनोद कुमार की हत्या के बाद पैदा हुए तनाव, हिंसा और भय के माहौल के चार दिन बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होते दिखाई दे रहे हैं। गांव में बाजार खुलने लगे हैं, सड़कों पर लोगों की आवाजाही बढ़ रही है और भय के कारण अपने घर छोड़कर चले गए मुस्लिम समुदाय के परिवार भी वापस लौटने लगे हैं। प्रशासन और पुलिस की लगातार निगरानी तथा शांति बहाली के प्रयासों का असर अब गांव के वातावरण में साफ दिखाई देने लगा है।
शनिवार को भाजपा नेता विनोद कुमार की हत्या के बाद बैरागीवाला गांव में भारी तनाव फैल गया था। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए थे, जिसके चलते क्षेत्र में आगजनी, पथराव और प्रदर्शन की घटनाएं हुईं। हालात इतने बिगड़ गए थे कि गांव में अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति बन गई थी। तनावपूर्ण माहौल और असुरक्षा की भावना के कारण मुस्लिम समुदाय के करीब 25 परिवार अपने घरों में ताले लगाकर रिश्तेदारों और परिचितों के यहां चले गए थे।
घटना के बाद कई दिनों तक गांव के बाजार बंद रहे और गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि प्रशासन द्वारा लगातार सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती तथा लोगों से संवाद स्थापित करने के प्रयासों के बाद अब स्थिति में सुधार दिखाई दे रहा है। मंगलवार को गांव की मुख्य सड़कों पर लोगों की सामान्य आवाजाही देखने को मिली। कई दिनों से बंद दुकानें खुलीं और स्थानीय लोगों ने अपने दैनिक कार्यों को फिर से शुरू किया।
गांव छोड़कर गए परिवारों का कहना है कि प्रशासन द्वारा सुरक्षा का भरोसा दिए जाने और हालात में सुधार होने के बाद वे वापस लौट रहे हैं। स्थानीय निवासी मोहम्मद ताहिर ने बताया कि तनावपूर्ण स्थिति के कारण वह अपने परिवार के साथ रिश्तेदारों के यहां चले गए थे, लेकिन अब गांव का माहौल सामान्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि वह वापस घर लौट आए हैं और जल्द ही अपने परिवार को भी वापस ले आएंगे।
सदर मस्जिद आईशा से जुड़े मोहम्मद उस्मान ने कहा कि बैरागीवाला का सामाजिक माहौल हमेशा से सौहार्दपूर्ण रहा है। कुछ लोगों की वजह से गांव में तनाव की स्थिति पैदा हुई, लेकिन अधिकांश ग्रामीण शांति और भाईचारे के पक्षधर हैं। उन्होंने कहा कि अपराध करने वालों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए, लेकिन पूरे समुदाय को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
स्थानीय निवासी लियाकत अली ने बताया कि पिछले तीन दिनों के दौरान प्रशासन और पुलिस ने हर स्तर पर सहयोग किया। लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई और किसी प्रकार की बड़ी परेशानी सामने नहीं आई। अब बाजार खुलने लगे हैं और लोग सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिसने जैसा अपराध किया है, उसे उसके अनुसार दंड मिलना चाहिए।
इधर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव में लगातार फ्लैग मार्च और निगरानी जारी रखी हुई है। मस्जिदों में नमाज अदा कर लौट रहे लोगों से अधिकारियों ने बातचीत कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को डरने की जरूरत नहीं है और सभी नागरिक सामान्य रूप से अपने कामकाज कर सकते हैं। साथ ही अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता विनोद कुमार की हत्या के बाद क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई थीं। पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और गांव में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
चार दिनों की अशांति के बाद बैरागीवाला में सामान्य जीवन की वापसी राहत भरी खबर मानी जा रही है। स्थानीय लोग उम्मीद जता रहे हैं कि गांव जल्द ही पूरी तरह सामान्य स्थिति में लौट आएगा और वर्षों से कायम सामाजिक सौहार्द फिर से मजबूत होगा।




