
उत्तराखंड में हर घर नल से जल पहुंचाने की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना को आम बजट से बड़ी राहत मिली है। बजट की कमी के कारण बीते एक साल से अटके पड़े कार्यों के पूरे होने की उम्मीद अब मजबूत हो गई है। केंद्र सरकार ने न केवल इस योजना के लिए देशभर में 67,670 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, बल्कि इसकी समयसीमा भी बढ़ाकर 31 मार्च 2028 कर दी है।
राज्य में जल जीवन मिशन के तहत अधिकांश घरों तक नल से जल पहुंचाया जा चुका है, लेकिन अब भी करीब पांच प्रतिशत भवन ऐसे हैं, जहां पेयजल कनेक्शन देना शेष है। इसके अलावा पेयजल योजनाओं की क्षमता बढ़ाने, नई पाइपलाइन बिछाने और तकनीकी सुधार से जुड़े लगभग 20 प्रतिशत कार्य अधूरे पड़े हैं। अधिकारियों के अनुसार, ये काम लंबे समय से इसलिए रुके हुए थे क्योंकि केंद्र से मांग के अनुरूप बजट उपलब्ध नहीं हो पा रहा था।
रविवार को पेश किए गए आम बजट के बाद प्रदेश में इस योजना को लेकर नई आस जगी है। राज्य सरकार के मुताबिक जल जीवन मिशन को पूरी तरह सफल बनाने के लिए उत्तराखंड को करीब 4300 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता है। बजट में हुए प्रावधान और समयसीमा के विस्तार से अब योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से पूरा करना संभव हो सकेगा।
इस बजट से जल जीवन मिशन के तहत काम कर रहे 5000 से अधिक ठेकेदारों को भी बड़ी राहत मिलेगी। बजट की कमी के चलते इन ठेकेदारों के लगभग 1200 करोड़ रुपये के बिल लंबे समय से अटके हुए थे। इसके अलावा करीब 800 करोड़ रुपये की अन्य देनदारियां भी लंबित थीं। कुल मिलाकर 2000 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारियों के निपटारे की राह अब साफ हो गई है।
गौरतलब है कि भुगतान न होने से नाराज ठेकेदारों ने हाल के दिनों में मिशन निदेशक का घेराव भी किया था। अब बजट मिलने से न केवल उनकी समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों में भी तेजी आने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, आम बजट में मिले समर्थन और समयसीमा विस्तार से जल जीवन मिशन उत्तराखंड में नई गति पकड़ने जा रहा है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था मजबूत होगी और हर घर नल से जल का लक्ष्य पूरा करने की दिशा में राज्य एक कदम और आगे बढ़ेगा।





