
देहरादून। प्रदेश में शुक्रवार को हुई बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। खराब मौसम के कारण प्रदेशभर में 20 छोटे-बड़े मार्ग बंद हो गए हैं, जिनमें दो राष्ट्रीय राजमार्ग, छह राज्यमार्ग, एक मुख्य जिला मार्ग, एक अन्य जिला मार्ग और 10 ग्रामीण मार्ग शामिल हैं। बंद मार्गों को खोलने का कार्य प्रशासन द्वारा लगातार जारी है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार देहरादून जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा है। यहां दो राज्यमार्ग, एक मुख्य जिला मार्ग, एक अन्य जिला मार्ग और चार ग्रामीण मार्ग बंद हो गए हैं। वहीं उत्तरकाशी जिले में दो राष्ट्रीय राजमार्ग, दो राज्यमार्ग और तीन ग्रामीण मार्ग सहित कुल सात सड़कें बंद हैं।
उत्तरकाशी जिले में ऋषिकेश–यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-134) राड़ीटाप से औरछाबैंड तक बर्फबारी और फिसलन के कारण बंद है। इसके अलावा ऋषिकेश–गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-34) गंगनानी से आगे भारी बर्फबारी के चलते यातायात के लिए अवरुद्ध हो गया है।
चमोली जिले में जोशीमठ–औली मार्ग और पौड़ी जिले में एक राज्यमार्ग बर्फबारी के कारण बंद हैं, जबकि पिथौरागढ़ जिले में तीन मार्ग यातायात के लिए अवरुद्ध हैं।
🚨 उत्तरकाशी में राहत और बचाव कार्य
बर्फबारी और मलबा गिरने से उत्तरकाशी जिले के कई मोटर मार्गों पर वाहन और यात्री फंस गए थे। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
उत्तरकाशी–लम्बगांव मोटर मार्ग के चौरंगी क्षेत्र में बर्फबारी के कारण फंसे लोगों को जेसीबी मशीन की मदद से सुरक्षित निकाला गया। पहले 14 लोगों को और बाद में आठ महिलाओं व बच्चों को सुरक्षित मैगी प्वाइंट तक पहुंचाया गया। चौरंगी खाल में पूर्ति विभाग द्वारा सभी के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई।
इसके अलावा बनचौरा–दिवारी खोल और पत्थर खोल के बीच फंसे एक वाहन से तीन लोगों को सुरक्षित निकालकर पत्थर खोल वन विभाग चौकी पहुंचाया गया।
पुरोला–मोरी मोटर मार्ग के जरमोला धार क्षेत्र में करीब 200 लोगों की गाड़ियां फंस गई थीं, जिन्हें सुरक्षित निकाल दिया गया। केवल एक टेंपो ट्रैवलर अभी वहीं खड़ा है।
वहीं गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर नगुण के पास मलबा आने से फंसे वाहनों को भी सुरक्षित निकालकर मार्ग को आंशिक रूप से सुचारु किया गया।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और यात्रा से पहले सड़क व मौसम की स्थिति की जानकारी अवश्य लें। अधिकारियों ने कहा कि मौसम सामान्य होते ही बंद मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर खोला जाएगा।





