
देहरादून। राजधानी देहरादून में नए वर्ष की शुरुआत के साथ ही हवा की गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 329 दर्ज किया गया है, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। लगातार दूसरे दिन देहरादून की हवा इसी श्रेणी में बनी हुई है।
सीपीसीबी द्वारा जारी रिपोर्ट में देश के 242 शहरों के वायु गुणवत्ता आंकड़े शामिल किए गए हैं। इनमें से 15 शहर ऐसे पाए गए हैं, जहां वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई है। इस सूची में देहरादून भी शामिल है। बुधवार को देहरादून का एक्यूआई 318 दर्ज किया गया था, जबकि 28 दिसंबर को यह 301 तक पहुंच गया था, जिससे साफ है कि प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड के मौसम में वाहनों का बढ़ता दबाव, निर्माण गतिविधियां, धूल, पराली जलाने का प्रभाव और कम हवा की गति जैसे कारण प्रदूषण को और गंभीर बना रहे हैं। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह स्थिति खतरनाक साबित हो सकती है।
हालांकि, प्रदेश के अन्य शहरों की स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर बताई जा रही है। ऋषिकेश में बुधवार को एक्यूआई 136 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। वहीं काशीपुर की ताजा रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो सकी, लेकिन 30 दिसंबर को वहां एक्यूआई 182 दर्ज किया गया था।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि अत्यधिक प्रदूषण के दौरान सुबह-शाम खुले में व्यायाम से बचें, मास्क का प्रयोग करें और अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से परहेज करें। प्रशासन से भी अपेक्षा की जा रही है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि राजधानी की हवा को फिर से स्वच्छ बनाया जा सके।




